यूपी के इस शहर में बताया जा रहा है रियल इस्टेट बूम, क्या निवेश करने वालों की होगी मौज
नई दिल्ली: दिल्ली एनसीआर (Delhi NCR Property) ही नहीं, देश के लगभग हर शहर में रियल एस्टेट सेक्टर में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है। टियर 2 और टियर 3 सिटीज उभरते बाजार के रूप में अपनी पहुंच काफी ज्यादा बढ़ा रहे हैं और बड़े शहरों से मिल रहे हैं। रिसर्च प्रोजेक्ट में साफ पता चल रहा है कि इन शहरों में रियल एस्टेट गतिविधियों में वृद्धि होगी और इनमें आर्थिक विकास, मजबूत मैक्रो-इकॉनोमिक इंडिकेटर (Macro Economic Indicator) और अनुकूल जनसांख्यिकी जैसे कारक अहम भूमिका निभाने वाले हैं। इस विषय को लेकर हाल ही में लियासेस फोरास के सहयोग से क्रेडाई (CREDAI) ने एक रिपोर्ट जारी की। क्रेडाई की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2036 तक अनुमानित हाउसिंग डिमांड 93 मिलियन यूनिट तक पहुंच जाएगी। इस बढ़ी डिमांड की वजह से डेवलपर्स को उत्तरी और पश्चिमी इलाकों में कॉन्सेंट्रेशन के साथ पूरे देश में लगभग 3,294 एकड़ भूमि का अधिग्रहण करना होगा।











