ट्वीट की अपनी भावना
सोशल मीडिया प्लेटफार्म X (formerly Twitter) पर, उन्होंने कल दोपहर में एक पोस्ट किया, कि कैसे ये भोजन- जिसमें अक्सर पनीर और कोलस्ला से भरी ब्रेड होती है। इनमें रचनात्मकता, स्वाद और भारत की विविध खाद्य संस्कृति से जुड़ाव की कमी होती है। उन्होंने सवाल किया कि एयरलाइंस पश्चिमी शैली के नाश्ते परोसना क्यों जारी रखती हैं, जिसे उन्होंने बेस्वाद और प्रेरणाहीन पाया। इस पोस्ट को आज सुबह तक 36.8 लाख से भी ज्यादा लोगों ने देख लिया था। इसे प्रख्यात उद्योगपति हर्ष गोयनका ने भी Repost किया है।
भारतीय नाश्तों में विविधता
अपने पोस्ट में राधिका गुप्ता ने एयरलाइन्स से बदलाव का आग्रह किया। उन्होंने सुझाव दिया कि एयरलाइंस को भारतीय नाश्ते के मुख्य व्यंजनों को अपनाना चाहिए। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि कैसे पराठे, इडली और ढोकला जैसी चीजें न केवल स्वादिष्ट अनुभव प्रदान कर सकती हैं बल्कि एयर ट्रेवल का प्रैक्टिकल रिक्वायरमेंट भी पूरा करती हैं। ये व्यंजन न सिर्फ अफोर्डेबल हैं बल्कि उनकी शेल्फ लाइफ भी अच्छी है। सबसे अच्छी बात यह है कि भारतीय नाश्ते हेल्दी हैं।
क्या लिखा है पोस्ट में
उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा है 'मैं एयरलाइंस और बॉक्स्ड फूड बनाने वालों से यह प्रथा बंद करने की मांग कर रही हूं जो नाश्ते के नाम पर पनीर और कोलस्ला (वेज सैंडविच) से भरी दो ब्रेड परोसते हैं। यह भारत है, पश्चिम नहीं। हमारे पास देश भर से अद्भुत नाश्ता है - पराठा, इडली, ढोकला और अनगिनत अन्य - जो स्वस्थ, स्वादिष्ट, सस्ती हैं और उनकी शेल्फ लाइफ है। हमारी मां बची हुई सब्जी से लाजवाब परांठा रोल बनाती हैं जो लाजवाब होते हैं। कृपया रचनात्मक बनें। हमें सैंडविच से बचाएं। हम बेहतर कर सकते हैं।'











