निगम ने UPIC विलय और हस्तांतरण के लिए ऑनलाइन सुविधा शुरू की हुई है। विभाग का कहना है कि एक अप्रैल 2024 से लेकर अब तक निगम ने 671 UPIC का विलय किया है। इसके साथ ही 21,780 लोगों ने UPIC ट्रांसफर के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था जिन्हें इसकी मंजूरी दे दी गई।
प्रॉपर्टी मालिक घर बैठे जेनरेट कर सकते हैं UPIC, MCD ने इस प्रक्रिया को बना दिया बेहद आसान
नई दिल्ली: दिल्ली नगर निगम (MCD) के प्रॉपर्टी टैक्स विभाग ने प्रॉपर्टी टैक्स की रिकवरी को और अधिक पारदर्शी और कुशल बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। इसके लिए डिजिटल माध्यमों की भी मदद ली जा रही है। इनकी मदद से प्रॉपर्टी टैक्स जमा करने वाले लोगों को काफी मदद मिलेगी। इससे मानवीय हस्तक्षेप न के बराबर रह जाएगा। विभाग का कहना है कि केवल दो मिनट में संपत्ति के मालिक अब अपना विशिष्ट संपत्ति पहचान कोड (UPIC) पूरी तरह ऑनलाइन जनरेट कर सकते हैं। प्रक्रिया सरल होने के साथ-साथ संपत्ति की पहचान भी तुरंत हो जाएगी।
संपत्ति की जानकारी और चैटबॉट सहायता
संपत्ति के मालिक अब निगम के डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से UPIC सहित अपनी संपत्ति से संबंधित विवरणों तक आसानी से पहुंच सकते हैं। इसके अलावा चैटबॉट सुविधा के माध्यम से प्रॉपर्टी मालिक की तुरंत मदद की जा सकेगी जिससे उन्हें ऑनलाइन प्रॉपर्टी टैक्स सेवाओं को समझने और नेविगेट करने में मदद मिलेगी।
नागरिक शिक्षा के लिए यूट्यूब चैनल
जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए MCD ने एक यूट्यूब चैनल बनाया है जिसमें छोटी जानकारी वाली विडियो हैं जो ऑनलाइन PTR फाइलिंग, UPIC जनरेशन और UPIC विलय और हस्तांतरण प्रक्रिया जैसे प्रमुख प्रॉपर्टी टैक्स विषयों की व्याख्या करते हैं।
MCD ने एक ऐसी प्रणाली लागू की है जो DMC अधिनियम (संशोधन) 2003 के अनुसार धारा 175, 123A/B, 123D, 154, 156(1), 446, 152A और मूल्यांकन आदेशों के तहत सभी नोटिसों को इलेक्ट्रॉनिक रूप से जारी करने की अनुमति देती है। करदाता अब इन नोटिसों को डिजिटल रूप से प्राप्त कर सकते हैं और अपनी प्रतिक्रियाएं ऑनलाइन जमा कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें प्रॉपर्टी टैक्स ऑफिस नहीं भागना पड़ेगा।











