मप्र कांग्रेस में लगातार इस बात पर जोर दिया जा रहा है कि वे प्रदेश से लेकर जिले तक प्रशिक्षण करवाएंगे। बीते तीन महीने में अलग-अलग पदाधिकारियों के माध्यम से यह बात सामने आ चुकी है। इसमें भोपाल मुख्यालय से लेकर पचमढ़ी कैंप भी शामिल है।
लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि अब ट्रेनिंग कैसे कराई जाएगी, इसको लेकर कोई मॉड्यूल ही तैयार नहीं हुआ है। इस बात की तस्दीक मप्र कांग्रेस कमेटी द्वारा बनाए गए प्रशिक्षण विभाग और चुनाव प्रबंधन विभाग के अधिकारियों से हुई बातचीत से हुई।
प्रशिक्षण विभाग के प्रमुख महेंद्र जोशी ने बताया कि मंच टूटने के बाद से दो महीने से वे घर पर आराम कर रहे हैं। प्रशिक्षण मॉड्यूल को लेकर उन्होंने बताया कि प्रदेश से लेकर जिले और ब्लॉक तक के कार्यकर्ताओं को ट्रेनिंग दी जाएगी, लेकिन फिलहाल मॉड्यूल तय नहीं हुआ है। यह जानकारी भी सामने आई कि पूर्व सीएम और प्रदेश अध्यक्ष रहे कमलनाथ के कार्यकाल में एक प्रशिक्षण हुआ था।
इसी मामले में जब चुनाव प्रबंधन विभाग के अधिकारियों से बात की। इसके सदस्य मृणाल पंत ने बताया कि अभी उन्हें पता नहीं है कि क्या करना है और कैसे करना है। पंत ने बताया कि उन्हें 18 मई को बुलाया गया है, शायद उसमें जानकारी दी जाएगी। इस विभाग के प्रभारी प्रियव्रत सिंह से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया।