आरएसएस की ओर से राम मंदिर के मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाए जाने की तैयारी की जा रही है। अगले साल जनवरी में अयोध्या में राम जन्मभूमि पर बना रहे मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम तय किया गया है। संघ की ओर से रणनीति तैयार की गई है कि राम मंदिर के सपने को साकार होने से करने वाले भावनाओं के ज्वार को पूरे देश में पैदा किया जाए। संघ की कोशिश इसके जरिए सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और हिंदुत्व की धार को पैना करने की है। इसका असर लोकसभा चुनाव 2024 में दिख सकता है। भाजपा के पक्ष में अनुकूल वातावरण के निर्माण के लिए इसे अहम माना जा रहा है।
सीएम योगी ने की संघ प्रमुख से मुलाकात
सर संघ चालक मोहन भागवत से सीएम योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार की शाम सरस्वती कुंज में मुलाकात की। करीब 45 मिनट की मुलाकात में सीएम योगी ने संघ प्रमुख को सरकार के कामकाज और उपलब्धियां की जानकारी दी। योजनाओं और उसके प्रभाव के बारे में बताया। सीएम योगी ने सरसंघचालक को अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि पर बन रहे मंदिर की अपडेट जानकारी दी। मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा अगले वर्ष जनवरी में मकर संक्रांति के बाद होनी तय है।
प्राण प्रतिष्ठा समारोह की तैयारी को रोककर भी दोनों नेताओं के बीच चर्चा हुई। इस कार्यक्रम को देशभर में मनाने और राष्ट्रवाद एवं सामाजिक समरसता को धार देने की रणनीति बनी। राम मंदिर निर्माण को देखते हुए अयोध्या को नए और भव्य तरीके से विकसित करने की योजना पर चल रहे काम के बारे में भी संघ प्रमुख को बताया गया। सीएम ने यूपी में निवेश और कानून व्यवस्था में सुधार जैसी स्थितियों के बारे में भी बताया।
संघ के विस्तार पर चर्चा
संघ प्रमुख मोहन भागवत का कार्यक्रम शनिवार को बैठकों के साथ शुरू हुआ। अवध प्रांत में संघ के सांगठनिक विस्तार और सेवा प्रकल्पों को लेकर बैठक शुरू हुई है। अवध प्रांत में संघ के कामकाज की समीक्षा के साथ आगे की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। वर्ष 2025 में संघ के शताब्दी समारोह को देखते हुए आरएसएस सभी गांव तक अपनी पहुंच बढ़ाने की योजना पर काम कर रहा है। निराला नगर में अवध प्रांत के 7 विभागों की बैठक में आरएसएस, भाजपा और सरकार में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी चर्चा हो रही है।











