स्पेस डॉट कॉम की खबर के अनुसार, स्पेस स्टेशन पर मौजूद प्रत्येक अंतरिक्ष यात्री को पीने, खाना बनाने और साफ-सफाई के लिए एक गैलन प्रतिदिन पानी की जरूरत होती है। अंतरिक्ष यात्रियों ने उन प्रणालियों का इस्तेमाल किया जो ECLSS का हिस्सा हैं। ECLSS यानी Environment Control and Life Support Systems जिसका उद्देश्य अंतरिक्ष में आगे के इस्तेमाल के लिए खाना, हवा और पानी जैसी चीजों को रीसायकल करना है।
स्पेस में पेशाब और पसीने से निकाला पीने लायक पानी... आसान हुआ अंतरिक्ष का सफर, ऐस्ट्रोनॉट्स ने कर दिया कमाल
वॉशिंगटन : स्पेस में लंबे समय तक टिके रहने और भविष्य के बड़े-बड़े मिशन को पूरा करने के लिए सबसे जरूरी क्या है? पानी, जिसकी खोज दशकों से की जा रही है। अंतरिक्ष में पानी का मिलना मतलब जीवन का मिलना। इस बारे में ताजा अपडेट इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से आया है जहां वैज्ञानिकों ने एक विधि से 98 फीसदी पानी को रिस्टोर कर लिया है। इसे एक बड़ी उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है। अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने कहा कि वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष यात्रियों के पसीने और पेशाब को रीसायकल करके उसे पीने लायक पानी में बदल दिया।
स्पेस डॉट कॉम की खबर के अनुसार, स्पेस स्टेशन पर मौजूद प्रत्येक अंतरिक्ष यात्री को पीने, खाना बनाने और साफ-सफाई के लिए एक गैलन प्रतिदिन पानी की जरूरत होती है। अंतरिक्ष यात्रियों ने उन प्रणालियों का इस्तेमाल किया जो ECLSS का हिस्सा हैं। ECLSS यानी Environment Control and Life Support Systems जिसका उद्देश्य अंतरिक्ष में आगे के इस्तेमाल के लिए खाना, हवा और पानी जैसी चीजों को रीसायकल करना है।सांस और पसीने की नमी से निकाला पानी
ECLSS जिन हार्डवेयर से मिलकर बना है उनमें वॉटर रिकवरी सिस्टम भी शामिल है जो वेस्टवॉटर को इकट्ठा करता है और उसे वॉटर प्रोसेसर असेंबली (WPS) में भेज देता है जो पीने योग्य पानी का उत्पादन करता है। केब्रिन क्रू की सांस और पसीने से केबिन की हवा में निकली नमी को इकट्ठा करने के लिए एक एडवांस्ड डीह्यूमिडिफ़ायर का इस्तेमाल किया जाता है। वहीं एक दूसरी प्रणाली, यूरिन प्रोसेसर असेंबली (यूपीए), वैक्यूम डिस्टिलेशन का इस्तेमाल करके पेशाब से पानी निकालती है।
पेशाब से मिला 98 फीसदी साफ पानी
इस प्रक्रिया के बाय-प्रोडक्ट के रूप में नमकीन पानी का उत्पादन होता है, जिससे वेस्टवॉटर को निकालने के लिए एक ब्राइन प्रोसेसर असेंबली (बीपीए) को यूपीए में जोड़ा जाता है। जॉनसन स्पेस सेंटर की टीम का हिस्सा क्रिस्टोफर ब्राउन ने कहा कि बीपीए ने पेशाब से निकाले गए साफ पानी की मात्रा को 94 प्रतिशत से बढ़ाकर 98 प्रतिशत कर दिया है, जो अब तक सबसे अधिक है। पीने योग्य पानी को रिस्टोर करने का यह तरीका मंगल जैसे लंबे अंतरिक्ष मिशन में मदद कर सकता है।
स्पेस डॉट कॉम की खबर के अनुसार, स्पेस स्टेशन पर मौजूद प्रत्येक अंतरिक्ष यात्री को पीने, खाना बनाने और साफ-सफाई के लिए एक गैलन प्रतिदिन पानी की जरूरत होती है। अंतरिक्ष यात्रियों ने उन प्रणालियों का इस्तेमाल किया जो ECLSS का हिस्सा हैं। ECLSS यानी Environment Control and Life Support Systems जिसका उद्देश्य अंतरिक्ष में आगे के इस्तेमाल के लिए खाना, हवा और पानी जैसी चीजों को रीसायकल करना है।











