यह प्लेटफॉर्म पेंशन से जुड़ी अलग सर्विस सुविधाओं को एक ही डिजिटल सिस्टम में लाता है। यह पोर्टल वेब, मोबाइल और वॉट्सऐप आधारित सेवाओं को एक प्लेटफॉर्म पर लाएगा। यह नया शिकायत सिस्टम 22 भाषाओं में उपलब्ध होगा, जहां यूजर इनमें से किसी भी भाषा में बोलकर वॉइस कमांड के जरिए शिकायत दर्ज करा सकेंगे।
'पेंशन सहायक' की 5 बड़ी खूबियां
- अब शिकायतों के लिए आपको अपना परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर (PRAN) या पासवर्ड याद रखने की कोई जरूरत नहीं है। आप सिर्फ अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और ओटीपी के जरिए तुरंत लॉगिन कर सकते हैं।
- अगर एक ही मोबाइल नंबर से एक से अधिक PRAN लिंक्ड हैं, तो लॉगिन करते ही वे सभी अकाउंट्स एक ही स्क्रीन पर दिखाई दे जाएंगे। अटल पेंशन योजना (APY) के वो सब्सक्राइबर्स जो अपना PRAN भूल गए हैं, वे भी इसके जरिए आसानी से अपना नंबर ढूंढ सकते हैं।
- 'भाषिनी' (Bhashini AI) इंटीग्रेशन की मदद से यह पोर्टल 22 भारतीय भाषाओं को सपोर्ट करता है। आप अपनी स्थानीय भाषा में बोलकर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। खास बात यह है कि आपको जवाब भी उसी भाषा में मिलेगा और आप उसे ऑडियो रूप में भी पा सकते हैं।
- अगर तय समय सीमा के भीतर आपकी शिकायत का समाधान नहीं होता है, तो सिस्टम खुद-ब-खुद उस शिकायत को सीनियर अथॉरिटी के पास भेज देगा।
- अगर आप पहली बार मिले समाधान से संतुष्ट नहीं हैं, तो सिर्फ एक क्लिक में मामले को ओम्बड्समैन या एनपीएस ट्रस्ट को ट्रांसफर कर सकते हैं। साथ ही आप समाधान की क्वालिटी को रेटिंग भी दे सकते हैं।











