सरकार ने क्या बताया है?
मिनिस्ट्री के मुताबिक, दस्तावेजों की जांच करने के बाद फाइनैंशल इंटेलिजेंस यूनिट ने बैंक को PMLA के नियमों का उल्लंघन करने के संबंध में एक कारण बताओ नोटिस जारी किया। पेटीएम पेमेंट्स बैंक के लिखित और मौखिक जवाब मिलने के बाद FIU ने उपलब्ध रिकॉर्ड्स के आधार पर पाया कि पेटीएम के खिलाफ आरोप सही हैं। इसके बाद 1 मार्च 2024 को उस पर 5 करोड़ 49 लाख रुपये का जुर्माना लगाने का आदेश जारी किया गया।आरबीआई के बाद एफआईयू का चाबुक
एफआईयू की कार्रवाई आरबीआई के 31 जनवरी के निर्देश के बाद हुई है। आरबीआई ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक को 29 फरवरी से अपने ग्राहकों के खातों में नई जमा या ‘टॉप अप’ स्वीकार करने से रोक दिया था। बाद में तारीख को 15 मार्च तक बढ़ा दिया गया। पेटीएम पेमेंट्स बैंक के लिखित और मौखिक प्रस्तुतियों पर विचार करने के बाद रिकॉर्ड पर उपलब्ध भारी सामग्री के आधार पर एफआईयू-भारत के निदेशक ने पाया कि पेटीएम के खिलाफ आरोप प्रमाणित थे।इस मामले में पेटीएम पेमेंट्स बैंक प्रवक्ता ने कहा, ‘यह पेनाल्टी एक बिजनेस सेगमेंट से जुड़े मुद्दों से संबंधित है, जिसे दो साल पहले डिसकंटीन्यू कर दिया गया था। उस अवधि के बाद हमने अपने मॉनिटरिंग सिस्टम्स और FIU को रिपोर्टिंग से जुड़े अपने मैकेनिजम्स को और मजबूत बनाया है।’











