पाकिस्तान बोला-एकतरफ और गलत बातें
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय का कहना है कि यह साझा बयान में 'एकतरफा और भ्रामक' बातें कही गई हैं। मंत्रालय ने कहा, 'पाकिस्तान ने इस बात पर जोर दिया है कि अमेरिका को ऐसे बयान जारी करने से बचना चाहिए जिन्हें भारत की तरफ से आधारहीन और राजनीति से प्रेरित कहानी को प्रोत्साहन के तौर पर माना जा सकता है।' बयान में इस बात पर भी जोर दिया गया है कि पाकिस्तान और अमेरिका के बीच आतंकवाद विरोधी सहयोग काफी अच्छे से आगे बढ़ा रहा है। विदेश मंत्रालय की मानें तो विश्वास और समझ पर आधारित एक सक्षम वातावरण, पाकिस्तान-अमेरिका के संबंधों को और मजबूत करने के लिए जरूरी है।
अमेरिका ने दिया जवाब
पाकिस्तान के विदेश विभाग की तरफ से जो समन जारी किया गया, अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मैट मिलर ने उसका करार जवाब दिया। उन्होंने रूटीन मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि पाकिस्तान ने आतंकवादी समूहों का मुकाबला करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, लेकिन ये काफी नहीं हैं। उनका कहना था कि अमेरिका ने इस दिशा में और ज्यादा कदम उठाने की अपील की है। उनके शब्दों में, 'हम पाकिस्तान की तरफ से लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद और विभिन्न प्रमुख संगठनों सहित सभी आतंकवादी समूहों को स्थायी रूप से नष्ट करने के लिए कदम उठाने के महत्व पर भी लगातार कायम रहे हैं। मगर हम इस मुद्दे को पाकिस्तानी अधिकारियों के साथ नियमित रूप से उठाते रहेंगे।'
पाकिस्तान के विदेश विभाग की तरफ से जो समन जारी किया गया, अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मैट मिलर ने उसका करार जवाब दिया। उन्होंने रूटीन मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि पाकिस्तान ने आतंकवादी समूहों का मुकाबला करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, लेकिन ये काफी नहीं हैं। उनका कहना था कि अमेरिका ने इस दिशा में और ज्यादा कदम उठाने की अपील की है। उनके शब्दों में, 'हम पाकिस्तान की तरफ से लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद और विभिन्न प्रमुख संगठनों सहित सभी आतंकवादी समूहों को स्थायी रूप से नष्ट करने के लिए कदम उठाने के महत्व पर भी लगातार कायम रहे हैं। मगर हम इस मुद्दे को पाकिस्तानी अधिकारियों के साथ नियमित रूप से उठाते रहेंगे।'
पीएम मोदी की अमेरिका की राजकीय यात्रा के दौरान साझा बयान में दोनों देशों ने आतंकवाद के सभी रूपों की निंदा की। मोदी और बाइडन ने लश्कर, जैश और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे आतंकी संगठनों समेत ग्लोबल टेररिस्ट ऑर्गनाइजेशंस के खिलाफ ठोस कार्रवाई की अपील की। दोनों पक्षों ने 26/11 के मुंबई और पठानकोट हमलों के अपराधियों को सजा देने की भी मांग की। इन हमलों को पाकिस्तान से अंजाम दिया गया था और आज भी आतंकी वहां आजाद घूम रहे हैं। साल 2008 के मुंबई हमलों के पीछे लश्कर का हाथ था। इन हमलों में 160 से ज्यादा लोग मारे गए थे। वहीं, जैश ने 2019 के पुलवामा हमले की जिम्मेदारी ली, जिसमें 40 अर्धसैनिक जवान मारे गए।











