मुझे लगा नहीं था कि मेरे जैसे OnePlus के पक्के वाले फैन्स को कभी यह बात रास आएगी कि अब OnePlus के फोन में Oxygen OS की जगह Color OS मिलेगा। असल में OnePlus की कल्ट फॉलोइंग सिर्फ हाई-एंड हार्डवेयर की वजह से नहीं बल्कि स्मूथ और प्रीमियम सॉफ्टेवयर एक्सपीरियंस की वजह से भी रही है। हालांकि, पिछले हफ्ते मेरे OnePlus 15 पर Android 17 के साथ ColorOS 17 के दस्तक देने के बाद से मेरी सोच तेजी से बदली है।
अपडेट के बाद से देखने को मिली जबर्दस्त स्मूथनेस, नए विजुअल कट्स और काम के एआई फीचर्स ने मुझे अब अहसास करा दिया कि यह बदलाव सिर्फ एक रीब्रांडिंग भर नहीं, बल्कि पूरे यूजर एक्सपीरियंस को नेक्स्ट स्तर पर ले जाने की कोशिश है। चलिए आपके साथ अपना अनुभव डिटेल में शेयर करता हूं।
शुरुआत से ही आंखों को भाता है ColorOS 17
OnePlus के फोन पर ColorOS 17 शुरुआत से ही अपने बेहद स्मूथ एनिमेशन के साथ आंखों को भाने लगता है। आपको ऐसा नहीं लगता कि आपके फोन से कुछ घट गया है बल्कि आप ColorOS 17 स्मूथनेस पर तैरते UI को देखकर डिवाइस को और भी ज्यादा एंजॉय करने लगते हैं। कंपनी ने इसे लिविंग फ्लो डिजाइन नाम दिया है, जिसमें हर स्वाइप और टैप पर सिस्टम तुरंत रिस्पॉन्ड करता है।
सेटिंग्स मेन्यू हो या क्विक टॉगल्स किसी भी बटन पर क्लिक करते ही स्क्रीन पर एक हल्की सी चमक उभरती है और उंगली हटाते ही वह बेहद नेचुरल बाउंस के साथ अपनी जगह लौट जाती है। यह देखने में इतना अच्छा लगता है कि दिल करता है दिनभर इसे देखते रहूं।
OxygenOS की कुछ निशानियां अभी भी मौजूद
सालों से OnePlus के डिवाइस पर Oxygen OS को देखने वालों को शायद उस UI की बातें याद आएं, जैसे कि कैलकुलेटर में 1+ लिखकर = दबाने पर नेवर सेटल का खास एनिमेशन आना। हालांकि, मेरे लिए राहत की बात यह रही कि इसके लॉक स्क्रीन और स्टेटस बार पर दिखने वाला सिग्नेचर क्लॉक विजेट नए UI में भी मौजूद है। यह क्लॉक विजेट समय दिखाते हुए 1 नंबर को हमेशा वनप्लस के सिग्नेचर लाल रंग में दिखाता है। इस तरह नए ColorOS 17 में भी OnePlus के चाहने वालों के लिए कुछ खास एलिमेंट्स को बदला नहीं गया है।
रैम कम खाता है नया UI
दिखने में खूबसूरत होने के साथ-साथ यह सॉफ्टवेयर भारी इस्तेमाल में भी अटकता नहीं है। इसके पीछे सिस्टम में शामिल नया 'ल्यूमिनस रेंडरिंग इंजन' है, जो बैकग्राउंड में भारी ग्राफिक्स और एनिमेशन को प्रोसेस करते वक्त करीब 25 फीसदी तक कम रैम की खपत करता है।
इससे फायदा यह होता है कि अगर बैकग्राउंड में कई भारी ऐप्स खुले हों, तब भी फोटो गैलरी को स्क्रॉल करना, फोन अनलॉक करना या एक ऐप से दूसरे ऐप पर स्विच करना पूरी तरह मक्खन जैसा स्मूथ रहता है।
AI माइंड पायलट का जवाब नहीं
मुझे मेरे OnePlus पर आए इस बदलाव में सबसे खास AI माइंड पायलट लगा, जो चैटजीपीटी, परप्लेक्सिटी और जेमिनी के मिले-जुले मॉडल पर काम करता है। इसका एजेंट मोड फोन की स्टोरेज में रखी फाइल्स और गैलरी को समझकर काम कर सकता है।
जैसे ही मैने इसे गैलरी से फूलों की फोटो छांटकर कोलाज बनाने को कहा, तो इसने बिना किसी ऐप के कुछ ही मिनटों में काम पूरा कर दिया। साथ ही नया OSee ऐप कैमरे के सामने रखी चीजों को स्कैन करके स्टाइलिंग और जरूरी सुझाव तुरंत स्क्रीन पर दिखा देता है।
Color OS 17 को लेकर हमारा फैसला
अगर आप पुराने OxygenOS के कॉस्मेटिक फीचर्स के शौकीन रहे हैं तो शुरुआती कुछ दिन इसकी आदत बदलने में लग सकते हैं, लेकिन इतने दिन इस्तेमाल करने के बाद मैं कह सकता हूं कि इसकी रोजमर्रा की रफ्तार, विजुअल डेप्थ और असरदार एआई टूल्स की वजह से आप ColorOS 17 को और भी ज्यादा पसंद करने लगेंगे।
मेरी राय में एंड्रॉयड की दुनिया में ColorOS 17 एक बेहद सधा हुआ और परिपक्व ऑपरेटिंग सिस्टम साबित हुआ है। मुझे लगता है कि इसकी स्पीड, स्मूथनेस और पॉलिश्ड एनिमेशन के साथ आप अपने OnePlus फोन को पहले से ज्यादा एन्जॉय करेंगे।

