मित्तल ने कहा कि रिलायंस जियो मुफ्त वॉयस और डेटा सर्विसेज दे रही थी। साथ ही टेलिकॉम रेगुलेटर ने कई फैसलों से भी एयरटेल जैसी पुरानी टेलिकॉम कंपनियों पर प्रतिकूल असर हुआ था। मित्तल ने कहा, '...(सितंबर) 2018 में, मैंने पीएम से मिलने के लिए समय मांगा। मैं तब GSMA का प्रेजिडेंट था और अंतर्राष्ट्रीय चैंबर्स ऑफ कॉमर्स के प्रेजिडेंट पद से अभी-अभी बाहर आया था, जब मैं उन्हें (पीएम को) कभी-कभी WTO, G20 और अन्य मुद्दों पर जानकारी देता था। मैंने उनसे भारतीय टेलिकॉम इंडस्ट्री के बारे में बात की। मैंने उनसे कहा कि चीजें बहुत खराब चल रही हैं और स्थिति बहुत चिंताजनक होती जा रही है।' साल 2016 में टेलिकॉम मार्केट में प्रवेश करने वाली जियो मुफ्त वॉयस और डेटा सर्विसेज दे रही थी। साथ ही ट्राई ने भी कई ऐसे फैसले लिए थे जो मित्तल को लगता था कि एक पक्ष को मदद कर रहे हैं।
मोदी ने क्या कहा था
मोदी के साथ अपनी बैठक को याद करते हुए मित्तल ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री से कहा था, 'मैं बाजार में लड़ सकता हूं, लेकिन मैं सरकार से नहीं लड़ सकता।' मित्तल ने कहा, 'उन्होंने मुझसे कहा कि यह सरकार किसी भी एक पक्ष की तरफ नहीं झुकेगी। देश के लिए जो भी अच्छा होगा, वह किया जाएगा। आप बाजार में लड़ते हैं। इस पर मेरा कोई विचार नहीं है। लेकिन सरकार की तरफ से, आप निश्चिंत हो सकते हैं कि सरकार किसी का पक्ष नहीं लेगी। और मेरे लिए इतना ही काफी था। मैं उठकर उनका शुक्रिया अदा करने लगा... यह (एयरटेल के लिए) एक महत्वपूर्ण मोड़ था।' एयरटेल ने 27 मई को 100 अरब डॉलर का मार्केट कैप हासिल किया है।मित्तल ने कहा कि उन्हें पीएम के साथ उस बैठक से एक जबरदस्त ऊर्जा और प्रेरणा मिली। उन्होंने कहा, 'कभी-कभी आपको प्रेरणा की आवश्यकता होती है। मैं अपने लोगों के लिए ऐसा करता हूं। लेकिन मुझे किसी से इस तरह की प्रेरणा की जरूरत थी। (प्रधानमंत्री की ओर से) एक बहुत ही मजबूत संदेश था: बाजार में लड़िए। यहां एक व्यक्ति था जो मुझसे कह रहा था कि आप अपना काम करें और बहुत आश्वस्त रहें कि यह सरकार केवल वही काम करेगी जो देश के हित में होगा। यह बात एक व्यक्ति ने कही जो खुद कई चुनौतियों और बाधाओं से लड़कर इस मुकाम पर पहुंचा था।'











