ऐसे में जब देशभर के परिवार इस आर्थिक दबाव से जूझ रहे हैं, तो बजट 2025 में सरकार को ऐसे कदम उठाने चाहिए जो उन्हें राहत दे सकें। लोकल सर्कल्स के इस सर्वे में 334 जिलों के 32 हजार से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया। इनमें 67% पुरुष और 33% महिलाएं थीं। 40% लोग टियर 1 शहरों से, 27% टियर 2 शहरों से और 33% टियर 3 और 4 शहरों से थे। सर्वे में शामिल होने वाले लोकल सर्कल्स पर रजिस्टर्ड और भारतीय नागरिक थे।
4 में एक परिवार को उम्मीद, इस साल इनकम और सेविंग बढ़ेगी, सर्वे में सामने आई बात
नई दिल्ली: 2025 में भारतीय घरों की आमदनी और बचत को लेकर काफी चिंताएं हैं। लोकल सर्कल्स के सर्वे के मुताबिक, सिर्फ 24% परिवारों को भरोसा है कि उनकी सालाना आय इस साल बढ़ेगी। ज्यादातर परिवारों का कहना है कि उनके रोजमर्रा के खर्चे बढ़ रहे हैं, जिसे पूरा करने के लिए मजबूरी में बचत के पैसों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। सिर्फ 27% परिवारों को उम्मीद है कि इस साल में उनकी बचत बढ़ सकती है। सर्वे के आंकड़ों से पता चला कि 45% परिवारों का मानना है कि उनकी बचत में इस साल 25% तक की कमी आ सकती है।











