परमाणु मिसाइल हमलावर ड्रोन किम जोंग उन ने निकाली सैन्‍य परेड, रूस-चीन के सामने दिखाई ताकत

परमाणु मिसाइल हमलावर ड्रोन किम जोंग उन ने निकाली सैन्‍य परेड, रूस-चीन के सामने दिखाई ताकत

प्‍योंगयांग: उत्‍तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने देश की सैन्‍य परेड में अपनी महाव‍िनाशक ताकत का प्रदर्शन करके दुनिया को दहशत में डालने की कोशिश की है। उत्‍तर कोरिया के व‍िक्‍ट्री डे परेड में किम जोंग उन ने परमाणु क्षमता से लैस मिसाइल और नए हमलावर ड्रोन का राजधानी प्‍योंगयांग में आयोजित सैन्‍य परेड में प्रदर्शन किया। यह परेड साल 1950 से 1953 तक चले कोरियाई युद्ध के खत्‍म होने की याद में निकाली जाती है। इस परेड के दौरान किम जोंग उन के साथ रूस के रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगू और चीन का प्रतिन‍िध‍िमंडल भी मौजूद था।

इस परेड के दौरान उत्‍तर कोरिया की परमाणु क्षमता से लैस अंतरमहाद्वीपीय मिसाइल हवासोंग-17 और हवासोंग-18 का प्रदर्शन किया गया। इसके अलावा किम जोंग उन ने नया हमलावर और जासूसी ड्रोन का भी प्रदर्शन किया गया। उत्‍तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए ने इसकी जानकारी दी है। एजेंसी ने कहा कि रणनीतिक रूप से अहम मानवरहित निगरानी एयरक्राफ्ट और बहुउद्देश्‍यीय हमलावर ड्रोन ने किम जोंग उन के सामने उड़ान भरी जिससे वहां मौजूद लोगों की खुशी दोगुना हो गई।
 

चीन की मंशा पर व‍िशेषज्ञों ने उठाए सवाल

रूसी रक्षामंत्री के साथ चीन की सत्‍तारूढ़ पार्टी के अधिकारी ली होंगझोंग भी इस दौरान मौजूद थे और परेड के गवाह बने। कोरोना महामारी के बाद यह किसी विदेशी नेता की पहली उत्‍तर कोरिया यात्रा है। उत्‍तर कोरिया की सरकारी मीडिया ने इससे पहले कहा था कि किम और रूसी रक्षामंत्री दोनों ने सैन्‍य प्रदर्शनी को साथ-साथ देखा और सैन्‍य मामलों पर बातचीत की। यह बातचीत क्षेत्रीय और अंतरराष्‍ट्रीय सुरक्षा माहौल पर केंद्रीत थी।
दक्षिण कोरिया के उत्‍तर कोरियाई मामलों के व‍िशेषज्ञ लेइफ इरिक इसले ने कहा, 'चीन का परमाणु मिसाइलों से लैस उत्‍तर कोरियाई परेड में शामिल होना चीन की मंशा पर गंभीर सवाल उठाता है। वह भी तब जब उत्‍तर कोरिया दुनिया की सुरक्षा के लिए वैश्विक खतरा बन गया है। वहीं रूस को इस समय यूक्रेन युद्ध के लिए हथियारों की जरूरत है और किम जोंग उन ने खुद उसे अपने हथियारों का जखीरा दिखाया है। संयुक्‍त राष्‍ट्र को और ज्‍यादा सतर्क रहना चाहिए और प्रतिबंधों का उल्‍लंघन होने पर दंडित करना चाहिए।'
 
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