जमीन की खरीद-फरोख्त में अब नहीं होगी नींद हराम, सरकार कर रही पक्का इंतजाम

जमीन की खरीद-फरोख्त में अब नहीं होगी नींद हराम, सरकार कर रही पक्का इंतजाम
नई दिल्ली: दुनिया में ज्यादातर झगड़े जमीन को लेकर होते हैं। साथ ही जमीन की खरीद-फरोख्त में भी फर्जीवाड़े की खबरें सामने आती रहती है। कई बार एक ही प्लॉट कई लोगों को बेच दिया जाता है। लेकिन अब सरकार इससे निपटने के लिए पक्का इंतजाम करने जा रही है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को पेश बजट में ग्रामीण क्षेत्रों में सभी प्लॉट के लिए 'भू-आधार' नंबर देने की घोषणा की है। यह आधार की तरह एक विशिष्ट पहचान संख्या होगी। साथ ही 2027 तक शहरी इलाकों में जमीन के रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण की योजना है। इस रिफॉर्म को रफ्तार देने के लिए केंद्र सरकार राज्यों को वित्तीय सहायता देगी। माना जा रहा है कि इस कदम से ग्रामीण क्षेत्रों में क्रेडिट फ्लो और एग्रीकल्चरल सर्विसेज से जुड़ी दूसरी सुविधाओं को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही इससे कस्बों और शहरों में जमीन की खरीद-फरोख्त में धोखाधड़ी रोकने और प्रॉपर्टी टैक्स कलेक्शन में सुधार करने में मदद मिलेगी।
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