एयरपोर्ट डायरेक्टर विनोद कुमार ने बताया कि अभी सभी काम चल रहे हैं। किसी भी काम को सौ फीसदी पूरा नही कहा जा सकता, लेकिन सभी अंतिम चरण में हैं। एयरपोर्ट में पहले 4 हवाई जहाजो के रखने के लिए एप्रेन का निर्माण किया गया था जिनकी संख्या बढ़ा कर 8 कर दी गई है। ऐसे मे एक और एप्रेन का निर्माण किया जा रहा है। इसी के साथ ही कूलिंग पिट का निर्माण तोड़ कर दूसरी स्थान पर इसका निर्माण किया जा रहा है। कूलिंग पिट एयरपोर्ट की सुरक्षा के लिए रहता है जिसमें बम, विस्फोटक और अन्य संदिग्ध वस्तु की जांच के लिए 24 घंटों तक रखा जाता है। हालांकि रन-वे का निर्माण कार्य पूरा हो गया है, लेकिन इसमें भी तकनीकी काम चल रहा है। टर्मिनल का निर्माण सिविल इंजीनियरिंग की टीम कर रही है। इसके बाद इलेक्ट्रिकल टीम अपना निर्माण शुरू करेगी। टर्मिनल का निर्माण 75 फीसदी पूरा हो चुका है।
डीजीसीए से लाइसेंस मिलने के बाद एयरलाइंस के मिलेंगे आवेदन
विनोद कुमार के मुताबिक, अयोध्या एयरपोर्ट से उड़ानें शुरू करने का लाइसेंस मिलने के बाद एयरलाइंस यहां से उड़ानें शुरू करने के लिए आवेदन करेंगी। फिलहाल अभी किसी एयरलाइन का आवेदन नही मिला है। उम्मीद है कि पहले चरण में एयर इंडिया, इंडिगो स्पाइस जेट आदि एयरलाइंस की उड़ानें शुरू हो सकती हैं।











