सीएम योगी ने कहा कि हमें भविष्य को ध्यान में रखते हुए नए अधिनियम को लागू करने की आवश्यकता है। राज्य कैबिनेट ने हाल ही में एक नए जेल मैनुअल को मंजूरी दी है। उन्होंने कहा कि जेलों में 4200 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। ड्रोन कैमरों को वीडियो वॉल के साथ एकीकृत किया जाना चाहिए और निगरानी की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार द्वारा हाल ही में आदर्श कारागार अधिनियम 2023 तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि कैदियों के सुधार और पुनर्वास को ध्यान में रखते हुए यह मॉडल अधिनियम बहुत उपयोगी है। उन्होंने कहा कि 'ओपन जेल' की स्थापना लाभकारी साबित हो सकती है।
वर्तमान समय में लखनऊ में सेमी ओपन जेल संचालित है, ओपन जेल की स्थापना के लिए औपचारिक प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। सीएम योगी ने कहा कि हमें जेलों को 'सुधार गृहों' के रूप में स्थापित करना होगा। इसके लिए हर जरूरी कदम उठाए जाएं। बंदियों की सुरक्षा का आकलन, शिकायत निवारण, कारागार विकास बोर्ड, बंदियों के प्रति व्यवहार में परिवर्तन और महिला बंदियों एवं ट्रांसजेंडरों के लिए अलग आवास की व्यवस्था जैसी व्यवस्थाएं लागू की जाएं। योगी ने जेल अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जेलों में मोबाइल फोन जैसे प्रतिबंधित सामान के इस्तेमाल पर सख्त से सख्त सजा के प्रावधान को लागू किया जाए।











