भोपाल । कोलार इलाके में बसंत कुंज कालोनी के ओवरहेड टैंक में सोमवार सुबह पानी भरने के दौरान फीडर लाइन में लीकेज की वजह 20 लाख गैलन से अधिक पानी बर्बाद हो गया। जबकि एक वर्ष पहले ही कोलार जलप्रदाय से संबंधित फीडर व डिस्ट्रिब्यूशन लाइन को बदला गया था। ऐसे में पाइप के लीक होने से इनकी गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि दो पाइपों को बीच से जोड़ने के लिए एक बैंड लगाया गया था, इसके स्लिप होने से लाइन में लीकेज हुआ है।
जलकार्य विभाग के इंजीनियर नितेश श्रीवास्तव ने बताया कि बसंत कुंज में 20 लाख लीटर का ओवरहेड टैंक है। इसमें पानी भरने के लिए 350 एमएम की फीडर लाइन डाली गई है। सुबह आठ बजे इस फीडर लाइन के बीच में लगा बैंड स्लिप हो गया। लेकिन पानी का दबाव अधिक होने से पता नहीं चल रहा था। ऐसे में पहले पाइप लाइन से पूरा पानी बहाया गया। इसके बाद सुधार कर लिया गया है। देर रात तक इस ओवरहेड टैंक में पानी भी भर दिया गया है। जिससे मंगलवार को बसंतकुंज ओवर हेड टैंक से होने वाली जलापूर्ति सामान्य हो गई।
फीडर लाइन के ऊपर खड़े हो रहे वाहन
ओवरहेड टैंक में पदस्थ कर्मचारियों ने बताया कि पाइप लाइन में जिस स्थान पर लीकेज हुआ। वहां नगर निगम के ट्रक और टैंकर खड़े होते हैं। संभवत: इनके दबाव की वजह से पाइप लाइन का बैंड स्लिप हुआ होगा।
कोलार में लीकेज से दुकानों का सामान बहा
उधर, कोलार में जलापूर्ति करने वाली केरवा लाइन का एक बैंड सोमवार रात सीआइ स्क्वायर के पास निकल गया। इससे यहां पर पानी सड़क पर बहने लगा। शुरुआत में ऐसा लगा जैसे पाइप लाइन टूट गई हो, हालांकि लाइन को बंद किया तो बैंड निकलने की स्थिति पता चली। इसे जोड़कर फिर आपूर्ति शुरू की गई। कोलार जलापूर्ति की निगरानी करने वाले इंजीनियर अंकित रघुवंशी ने नगर निगम की सीयूजी वाला अपना नंबर बंद कर लिया। पानी काफी देर तक बहता रहा, इससे कई लोग परेशान हुए।











