नई दिल्ली: आपने कभी न कभी ट्रेन में सफर जरूर किया होगा। आपको जानकारी होगी कि ट्रेन के एयर कंडीशंड क्लास (AC Class) में बर्थ की बुकिंग करवाने वाले यात्रियों को बेड रोल और कंबल की सुविधा नि:शुल्क मिलती है। अक्सर लोगों की शिकायत होती है रेलवे के गंदे बेड रोल और कंबलों के बारे में। आपको पता है कि ट्रेन के कंबल और चादरों की धुलाई कितने दिनों के अंतराल पर होती है?
ट्रेन में बेड रोल का प्रावधान
चादरों की धुलाई कितने दिनों में
रेलवे के नियमों के अनुसार एक बार उपयोग होने के बाद चादरों और तौलियों के साथ साथ तकिया के कवर की धुलाई होती है। इन चादरों की धुलाई के लिए रेलवे ने देश भर में 46 डिपार्टमेंटल लाउंडरीज (Departmental laundries) बना रखा है। इसके साथ ही 25 लाउंडरीज BOOT फार्मूले पर भी बनाए गए हैं।
कंबलों की धुलाई कितने दिनों में
रेलवे के एयर कंडीशंड क्लास में बर्थ बुक कराने वालों को जो कंबल दिया जाता है, वह अक्सर गंदा इसलिए दिखता है क्योंकि उसकी महीने में एक बार धुलाई का प्रावधान है। यदि विभागीय कर्मचारियों को फुर्सत मिले, तो ऐसा महीने में दो बार भी हो सकता है। लेकिन ऐसा होता कम ही है। हां, यदि कंबल से बदबू आए, या भीगा है या फिर उस पर किसी यात्री ने उल्टी (Vomit) कर दी है तो उसकी धुलाई तय समय से पहले भी कर दी जाती है।
ऊनी कंबल परेशानी का सबब
लाउंडरी चलाते हैं ठेकेदार
नियमों में हुआ है बदलाव
पिछले साल ही रेलवे ने लाउंड्री के नियमों में बदलाव किया है। पहले रेलवे के बोड रोल धोने का ठेका लंबी अवधि का दिया जाता था। लेकिन जब से शिकायत बढ़ी है, तो रेलवे ने नियमों में बदलाव कर दिया। अब तय किया गया है कि चादर और कंबल की धुलाई के ठेके की अवधि छह महीने से ज्यादा की नहीं हो।











