ग्वालियर से किडनैप मासूम मुरैना में मिला, ईंट भट्टे के पास रोता दिखा: पुलिस ने घर पहुंचाया तो मां को देख गले से लिपटा

ग्वालियर से किडनैप मासूम मुरैना में मिला, ईंट भट्टे के पास रोता दिखा: पुलिस ने घर पहुंचाया तो मां को देख गले से लिपटा
ग्वालियर: मध्य प्रदेश के जिला ग्वालियर में देर रात पटाखे और जय श्री राम के नारों से ग्वालियर गूंज उठा। यह नारे और आतिशबाजी किसी त्योहार या शादी विवाह की नहीं बल्कि एक 6 साल के मासूम शिवाय के घर लौटने पर की जा रही थी। पूरा शहर टकटकी लगाए उसकी राह देख रहा था। वहीं पुलिस के लिए भी एक चैलेंजिंग टास्क था जिसका प्रथम चरण उन्होंने शिवाय को बरामद कर पूरा कर लिया है। पुलिस का कहना है कि अब दूसरा चरण जो कि अपराधियों की पकड़ करने का है उसे भी जल्दी ही पूरा कर लिया जाएगा।

फिलहाल 6 साल के मासूम शिवाय के घर लौटने से जहां शहर का भरोसा पुलिस पर और भी अधिक बढ़ गया है, तो वहीं दूसरी तरफ परिवार में भी खुशियों का माहौल छा गया है। घर में छाया मातम और आंसुओं से भरी हुई आंखें अब खुशियों में बदल चुकी है। परिवार जनों का भी कहना है कि जिस तरह से पूरे शहर में और पुलिस ने सतर्क भूमिका निभाते हुए बच्चे को बरामद किया है। वह काबिले तारीफ है और इसके लिए हम सभी का धन्यवाद करते हैं।

अज्ञात बदमाशों ने किया था अपहरण


ग्वालियर के सीपी कॉलोनी में रहने वाले राहुल गुप्ता की पत्नी आरती गुप्ता अपने बेटे शिवाय को सुबह 8:00 बजे स्कूल बस के लिए छोड़ने जा रही थी तभी रास्ते में दो अज्ञात बदमाशों ने बाइक पर बच्चे शिवाय का अपहरण कर लिया था। बदमाशों ने इस वारदात को अंजाम देते हुए मां आरती गुप्ता की आंखों में मिर्ची तक झोंक दी थी। लेकिन यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई थी। जिसके सूचना मिलते ही तत्काल मौके पर पहुंची पुलिस ने सीमावर्ती जिलों में भी नाकाबंदी के प्रयास सक्रिय कर दिए थे। वहीं अंदरूनी तौर पर भी काफी छानबीन चल रही थी।

घबराकर बच्चे को बदमाशों ने छोड़ा


पुलिस के लिए बदमाशों को पकड़ने से भी ज्यादा जरूरी बच्चों को सा कुशल वापस लाना था। इसी वजह से पुलिस ने कोई भी जल्दबाजी न करते हुए पूरी गंभीरता और सतर्कता के साथ बच्चे को बचाना प्राथमिकता से जारी रखा। हर तरफ फैल चुकी खबरों के चलते बदमाश भी घबरा गए और उन्होंने मुरैना के काजी बसई गांव के पास एक ईंट भट्टे पर शिवाय को लापता छोड़ दिया और मौके से फरार हो गए।

किसानों को दिखा मासूम


बताया जा रहा है कि काजी बसई गांव के पास लगे ईंट भट्टे के पास दो किसानों ने रात के समय एक बच्चे की रोने की आवाज सुनी जब उनके किसानों ने पास जाकर देखा तो बेहद डरा सहमा सा एक बच्चा रो रहा था। जिसे वे सीधे तौर पर वहां से उठाकर गांव के सरपंच के पास ले गए। सरपंच ने बातचीत की तो पता चला कि यह वही बालक है जिसे सुबह से ही जिले भर की पुलिस ढूंढने में लगी हुई है। उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी और मौके पर पहुंचे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बच्चों को बरामद कर उसकी मां और परिवार के सुपुर्द किया।

सरपंच को सोशल मीडिया से मिली जानकारी


बच्चों की किडनैपिंग के लिए दो दिन पहले भी प्रयास किया गया था। जिसका एक वीडियो सामने भी आया है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल ने हर किसी तक बच्चे की अपहरण की कहानी पहुंचा दी। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो शायद कहीं ना कहीं अपराधियों तक भी पहुंचा जिसकी वजह से वह बुरी तरह घबरा गए और अपनी पकड़ को बीच रास्ते में ही छोड़कर भाग गए। वहीं सरपंच ने बताया कि सुबह से ही सोशल मीडिया पर खबरें चल रही थी जिसकी वजह से उन्हें भी अंदाजा था कि यह वही बच्चा हो सकता है।

घर आकर मां से लिपट गया मासूम


घर आकर मासूम शिवाय अपनी मां से इस कदर लिपट गया मानो सालों से बिछड़ हो। मीडिया द्वारा शिवाय से बात करने की कोशिश की गई तो पहले तो वह बुरी तरह से अपने घर में भरी हुई भीड़ को देखकर घबरा गया। उसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने उसे गोद में उठाकर उसकी मां के सुपुर्द किया। इस दौरान हर किसी की आंखें खुशियों से भरी नजर आ रही थी।

मामले पर पुलिस का कहना


मामले में आईजी अरविंद सक्सेना का कहना है कि बच्चे को शकुशल वापस लाकर हमने अपना पहला चरण पूरा कर लिया है। दूसरा चरण भी जल्दी ही पूरा कर लिया जाएगा। अपराधी आपके सामने होंगे।

सीएम मोहन ने दी बधाई


पुलिस की इस कार्यशैली और गंभीरता एवं कार्य कुशलता के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव द्वारा भी उनकी तारीफ की गई है। इसे लेकर सीएम मोहन ने कहा कि पुलिस द्वारा तत्परता से त्वरित कार्रवाई और सघन अभियान चलाकर अपराधियों से बालक को छोड़ने पर मजबूर करने के लिए पुलिस की टीम बधाई की पात्र है। ऐसी घटना को अंजाम देने वाले अपराधियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं। एमपी में किसी भी अपराधी के लिए कोई जगह नहीं है।
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