अवैध असलहा लेकर चल रहे थे कांवड़िए, इस बयान ने करा दिया बरेली SSP प्रभाकर चौधरी का ट्रांसफर?

अवैध असलहा लेकर चल रहे थे कांवड़िए, इस बयान ने करा दिया बरेली SSP प्रभाकर चौधरी का ट्रांसफर?
बरेली: उत्तर प्रदेश के बरेली के एसएसपी प्रभाकर चौधरी का ट्रांसफर कर दिया गया है। यह उनका 21वां तबादला है। 2010 के आईपीएस अधिकारी अपनी सादगी, ईमानदारी और कार्यों को लेकर खासे चर्चित रहे हैं। हालांकि, दबाव में झुककर काम नहीं करने के कारण उन्हें शासकीय कार्रवाई का सामना करना पड़ता है। एसएसपी प्रभाकर चौधरी के ट्रांसफर को लेकर कई प्रकार की थ्योरी सामने आ रही है। मार्च माह में प्रभाकर को बरेली का प्रभार मिला था। अब जुलाई के आखिर में उन्हें 32वीं वाहिनी पीएसी लखनऊ भेज दिया गया है। इस ट्रांसफर आदेश के पीछे की वजह बरेली में कांवड़ियों पर लाठीचार्ज के आदेश को माना जा रहा है। सोशल मीडिया पर लगातार इस प्रकार की चर्चा चल रही है। पुलिस की कार्रवाई के बाद सामने आए एसएसपी ने कहा था कि कांवड़िए अवैध असलहा लेकर चल रहे थे। इस मामले को लेकर लगातार सवाल उठाया जा रहा है।


क्या है पूरा मामला?

बरेली के जोगीनवादा में कांवड़ा यात्रा निकाली जा रही थी। इस दौरान दो पक्षों के बीच तनाव जैसी स्थिति बन गई। दूसरे पक्ष की महिलाओं ने अपने धर्मस्थल की तरफ से कांवड़ियों का नहीं निकलने देने को लेकर धरना दिया। कांवड़िए इसी रास्ते से यात्रा निकालने पर बड़े हुए थे। डीजे बज रहा था। कांवड़िए डांस कर रहे थे। कोई भी पुलिस अधिकारियों की बातों पर ध्यान नहीं दे रहा था। मौके पर पहुंचे एसएसपी ने माहौल को शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन उनकी भी कोई नहीं सुन रहा था। इसके बाद गुस्साए एसएसपी ने लाठी पटक कर कांवड़ियों को खदेड़वा दिया। पुलिस की ओर से इलाके में कानून व्यवस्था बनाने के लिए दो आंसू गैस के गोले भी चलाए गए। गली में खड़े कांवड़ियों पर भी पुलिस ने जमकर लाठियां बरसाई। एक कांवड़िया को हिरासत में लिया गया।

जोगीनवादा में एक सप्ताह बाद फिर तनाव बढ़ा था। पिछले रविवार को भी माहौल गरमाया था। एक बार फिर स्थिति बिगड़ गई। पुलिस और प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी। टकराव जैसे हालात बनने की स्थिति में लाठी चार्ज हुआ। पिछले रविवार यानी 23 जुलाई को गुसाईं गौंटिया से निकले कांवड़ियों के जत्थे पर जोगीनवादा में पथराव का मामला सामने आया। दोनों पक्षों के बीच इसके बाद जमकर ईंट-पत्थर चले थे। सूत्रों का दावा है कि एक बार फिर खुफिया विभाग की ओर से जोगीनवादा में टकराव की सूचना थी, लेकिन पुलिस की ओर से पहले से कोई व्यवस्था नहीं की गई।

फिर आया एसएसपी का बयान


कांवड़ियों पर लाठीचार्ज के मामले में एसएसपी का बयान सामने आया। उन्होंने इस घटना को लेकर कहा कि कांवड़िए विवादित मार्ग पर जाने को लेकर अड़े हुए थे। उन्हें समझाने का प्रयास किया गया। कांवड़िए जिद पर अड़े थे। कांवड़ियों के बीच कुछ गलत लोग भी मौजूद थे। वे नशे में थे। उनके पास अवैध हथियार थे। एसएसपी के इस बयान के बाद ही उनके तबादले का आदेश आया। इसको लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा छिड़ गई है। यूजर्स सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं। कांवड़ियों पर आरोप लगाए जाने लगे हैं। वहीं, कुछ लोग अन्य आयोजनों की बात करने लगे हैं।
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