प्री-कोविड लेवल पर अभी भी नहीं पहुंचा जॉब मार्केट 6 सेक्टर में नौकरियां भी बढ़ीं, लेकिन 14 सेक्टर में कमी आई

प्री-कोविड लेवल पर अभी भी नहीं पहुंचा जॉब मार्केट 6 सेक्टर में नौकरियां भी बढ़ीं, लेकिन 14 सेक्टर में कमी आई

देश में नौकरियों की तस्वीर चिंताजनक है। 4 साल में निजी क्षेत्र में नई नौकरियों में सालाना 3.1% की ग्रोथ आई, जबकि GDP ग्रोथ रेट 4.5% के आसपास थी। प्री-कोविड की तुलना में 2,975 कंपनियों में से 49.44% में 8.2 लाख रोजगार घटे। बाकी 1,504 कंपनियों में 17.4 लाख नए रोजगार आए। कुल मिलाकर नौकरियों में इजाफा 9.2 लाख ही रहा। यह बात बैंक ऑफ बड़ौदा की रिसर्च रिपोर्ट में कही गई है।

आईटी, वित्त, रिटेल सहित 6 सेक्टर रहे, जिनमें जॉब ग्रोथ चार साल के औसत से ज्यादा रहीं। 8 सेक्टर में जॉब ग्रोथ 2.5% से कम रही। 14 सेक्टर की कंपनियों में नौकरियां घटी हैं। टेलीकॉम, ऑटोमोबाइल व एंसीलरी सेक्टर्स में सबसे ज्यादा नौकरियां घटी हैं। कोविड के पहले इनमें 7.06 लाख नौकरियां थीं, जो 34.13% घटकर 4.65 लाख ही बची हैं। सालाना गिरावट 8.35% रही।

कॉर्पोरेट में 1 साल में नई नौकरियां 20% तक कम
रिपोर्ट के मुताबिक देश के कॉर्पोरेट सेक्टर में 81.2 लाख कर्मचारी हैं। एक साल में 3.9 लाख ही नई नौकरियां आईं। जानकारों का कहना है कि यह संख्या रोजगार चाह रही बड़ी आबादी को देखते हुए बेहद कम है। 2022 में 4.9 लाख को नौकरियां मिली थीं। यानी इस साल रोजगार के अवसर पिछले साल के मुकाबले 20% तक कम हुए।


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