दरअसल, कप्तान हार्दिक पंड्या ने गेंद से जबरदस्त शुरुआत की। उन्होंने पहले ही ओवर में ब्रेंडन किंग (0) और जॉनसन चार्ल्स (2) को आउट करते हुए दो बड़े झटके दे दिए। इसके बाद काइल मायर्स को 15 रनों के निजी स्कोर पर अर्शदीप सिंह ने आउट किया। अब मैदान पर निकोलस पूरन और रॉवमैन पॉवेल के रूप में नई जोड़ी थी। यहां विंडीज टीम पर थोड़ा दबाव बढ़ाने की जरूरत थी तो हार्दिक ने 7वें ओवर में गेंद युवजेंद्र चहल को पकड़ा दी।
ओवर की पहली ही गेंद लेग स्टंप से बाहर थी और रॉवमैन पॉवेल ने गेंद को छोड़ना उचित समझा। अंपायर ने गेंद को वाइड दिया, जबकि इस दौरान उन्होंने थोड़ी देर के लिए पैर क्रीज से उठा लिया। इस बीच गेंद लेकर गिल्लियां उड़ाने के लिए मुस्तैद ईशान किशन ने अपना किया और जश्न मनाने लगे। उन्हें पूरा भरोसा था कि पॉवेल का पैर वापस क्रीज में आने से पहले गिल्लियां उड़ चुकी थीं।
फील्ड अंपायर ने थर्ड अंपायर को फैसला रेफर किया। थर्ड अंपायर ने रीप्ले में देखा तो पता चला कि पैर हवा में उठा जरूर था, लेकिन गिल्लियां उड़ने से पहले ही वापस आ गया। इस तरह भारतीय टीम का जोश थोड़ा ठंडा पड़ गया, जबकि कैरेबियाई कप्तान ने राहत की सांस ली। ऐसे कई मौके पर धोनी ने बेहद चालीकी और चपलता से विकेट निकालकर मैच को पलटने का काम किया है।
फील्ड अंपायर ने थर्ड अंपायर को फैसला रेफर किया। थर्ड अंपायर ने रीप्ले में देखा तो पता चला कि पैर हवा में उठा जरूर था, लेकिन गिल्लियां उड़ने से पहले ही वापस आ गया। इस तरह भारतीय टीम का जोश थोड़ा ठंडा पड़ गया, जबकि कैरेबियाई कप्तान ने राहत की सांस ली। ऐसे कई मौके पर धोनी ने बेहद चालीकी और चपलता से विकेट निकालकर मैच को पलटने का काम किया है।
भारत ने इस मैच में 7 विकेट पर 152 रन बनाए थे। उसके लिए तिलक वर्मा ने सबसे अधिक 51 रनों की पारी खेली, जबकि विंडीज ने 18.5 ओवरों में लक्ष्य हासिल कर लिया। विंडीज के लिए पूरन ने सबसे अधिक 67, शिमरन हेटमायर ने 22, कप्तान पॉवेल ने 21 रन बनाए, जबकि आखिरी में अकील हुसैन ने नाबाद 16 और अल्जारी जोसेफ ने नाबाद 10 रन बनाते हुए विंडीज को 2 विकेट से जीत दिला दी।











