नैनो-कैप स्टॉक में बढ़ी निवेशकों की दिलचस्पी
नई दिल्ली: हाल ही में शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी (bull run) चली, तो निवेशकों में खूब जोश था। ज्यादा रिस्क, ज्यादा मुनाफे की उम्मीद में लोग नैनो-कैप स्टॉक (छोटे शेयरों) में पैसे लगाने लगे। ये वो कंपनियां हैं जिनकी मार्केट वैल्यू बुधवार तक 2100 करोड़ रुपये से कम थी। आदित्य बिड़ला सन लाइफ म्यूचुअल फंड के एक अध्ययन के मुताबिक, छोटे निवेशकों ने जून 2021 में जिन नैनो-कैप शेयरों में 40,000 करोड़ रुपये लगाए थे, सितंबर 2024 तक उनकी कीमत आठ गुना बढ़कर 3.3 लाख करोड़ रुपये हो गई। इकॉनमिक टाइम्स के मुताबिक, नैनो-कैप (Nanocap) कंपनियां मार्केट कैपिटलाइजेशन के मामले में सबसे नीचे होती हैं। इनकी मार्केट रैंक 1041वें नंबर और उससे नीचे होती हैं। इनसे ऊपर माइक्रो-कैप कंपनियां होती हैं, जिनकी रैंक 521 से 1040 के बीच होती है। स्मॉल-कैप कंपनियों की रैंक 261 से 520 के बीच है। जबकि लार्ज और मिड-कैप कंपनियां टॉप 260 में आती हैं।











