भारत पाम ऑइल इंडोनेशिया और मलेशिया से सबसे ज्यादा खरीदता है। भारत की ओर से कम खरीदरी के चलते इन देशों में फूड ऑइल का स्टॉक बढ़ सकता है। इससे बेंचमार्क वायदा पर असर पड़ सकता है। सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (SEA) ने एक बयान में कहा कि सितंबर में पाम ऑइल का आयात 33% से ज्यादा गिरकर 527,314 मीट्रिक टन रह गया।
कीमत बढ़ने से कम हुई खरीदारी
घट गया ऑइल स्टॉक
खुदरा बाजार में तेल की कीमत में 10 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है। सबसे ज्यादा बढ़ोतरी सरसों के तेल में देखी जा रही है। सोयाबीन और सूरजमुखी के तेल की कीमत में भी पिछले कुछ समय से तेजी देखी गई है। जानकारों के मुताबिक अगले कुछ समय में तेल की कीमत में तेजी देखी जा सकती है। वहीं दूसरी ओर त्योहारी सीजन के कारण देश में खाद्य तेल की मांग में सुधार हो रहा है। इससे अक्टूबर में पाम तेल का आयात 7 लाख टन से अधिक हो सकता है।











