SEA के मुताबिक जनवरी में पाम तेल का आयात दिसंबर की तुलना में 45% घटकर 275,241 मीट्रिक टन रह गया। यह मार्च 2011 के बाद का सबसे निचला स्तर है। लगभग डेढ़ दशक में इतना कम आयात नहीं हुआ था। अक्टूबर 2024 में समाप्त हुए मार्केटिंग ईयर में भारत ने हर महीने औसतन 750,000 टन से ज्यादा पाम तेल आयात किया। आमतौर पर पाम तेल, सोया तेल और सूरजमुखी तेल से सस्ता होता है। लेकिन कम स्टॉक होने के कारण इसकी कीमतों में उछाल आई है। इसकी तुलना में दूसरे तेलों की सप्लाई अच्छी है।
कहां से तेल मंगाता है भारत
एडिबल ऑयल ट्रेडर GGN रिसर्च के मैनेजिंग पार्टनर राजेश पटेल ने कहा कि पाम तेल का आयात फरवरी में कुछ बढ़ सकता है, लेकिन सामान्य से कम रहेगा। उन्होंने कहा कि फरवरी में सोया तेल का आयात गिर सकता है और सूरजमुखी तेल थोड़ा बढ़ सकता है। भारत मुख्य रूप से इंडोनेशिया, मलेशिया और थाईलैंड से पाम तेल खरीदता है जबकि अर्जेंटीना, ब्राजील, रूस और यूक्रेन से सोया तेल और सूरजमुखी तेल आयात करता है। देश में पाम ऑयल के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने कुछ साल पहले नेशनल पाम ऑयल मिशन को मंजूरी दी थी।











