भारत ने UAE को पहली बार रुपए में पेंमेंट किया जुलाई में किया था एग्रीमेंट

भारत ने UAE को पहली बार रुपए में पेंमेंट किया जुलाई में किया था एग्रीमेंट

भारत ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से क्रूड ऑयल खरीद का पेमेंट पहली बार अपनी करेंसी रुपए (₹) में किया है। यह पेमेंट 10 लाख बैरल क्रूड ऑयल के लिए किया गया है। सरकार ने जुलाई में UAE के साथ रुपए में सेटलमेंट के लिए एग्रीमेंट साइन किया था।

भारत की ओर से यह पहला पेमेंट इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) ने UAE की ऑयल कंपनी अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (Adnoc) को किया है। इसके अलावा कुछ रूसी इंपोर्ट के लिए भी भारत ने रुपए में पेमेंट किया है।वहीं 35 से ज्यादा देश रुपए में ट्रेड सेटलमेंट में दिलचस्पी दिखा चुके हैं।

रुपए में पेमेंट से भारत को क्या लाभ?
भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा एनर्जी कंज्यूमर है। अपनी जरूरत का करीब 85% क्रूड ऑयल विदेशों से खरीदता है। इसके पेमेंट के लिए भारत को हर बार लाखों डॉलर करेंसी एक्सचेंज के रूप में देना पड़ता है। रुपए में पेमेंट करने से ट्रांजैक्शन कॉस्ट में कमी आएगी। इसके अलावा कई अन्य फायदे हैं, जो भारत को मिलेंगे...

  • इससे भारतीय करेंसी ग्लोबली अपनी पहचान और साख बना पाएगा।
  • तेज और आसान पेमेंट ऑप्शन के चलते समय पर सेटलमेंट संभव होगा।
  • इससे दुनियाभर में भारत के ट्रेड पार्टनर बढ़ेंगे।
  • अमेरिकी डॉलर का दबदबा कम होगा और ₹ एक ऑप्शन करेंसी के रूप में पहचान बना पाएगा।

जुलाई 2022 में RBI ने शुरू की थी पहल
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने जुलाई 2022 में रुपए में ट्रेड सेटलमेंट के पहल की शुरुआत की थी। इसमें शुरुआत में रूस जैसे देशों ने भारतीय रुपए में ट्रांजैक्शन का समर्थन किया था। इस ट्रांजैक्शन के लिए व्यापार में शामिल पार्टनर को स्पेशल रुपया-वोस्ट्रो अकाउंट और देश के बैंकों स्पेशल नोस्ट्रो अकाउंट ओपन करने की जरूरत होती है।


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