आज नहीं किया यह काम तो कूड़ा हो जाएगा FASTag, जानिए कल से क्या-क्या बदलने वाला है

आज नहीं किया यह काम तो कूड़ा हो जाएगा FASTag, जानिए कल से क्या-क्या बदलने वाला है
नया फाइनेंशियल ईयर शुरू होने के साथ पहली अप्रैल से इंश्योरेंस पॉलिसी, नैशनल पेंशन सिस्टम और क्रेडिट कार्ड से लेकर फास्टैग तक कई मोर्चों पर कुछ बदलावों का असर दिखेगा। इंश्योरेंस रेगुलेटर IRDAI ने तय किया है कि एक अप्रैल से बीमा कंपनियां सभी बीमा पॉलिसी इलेक्ट्रॉनिक रूप में जारी करेंगी। इसी तरह भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अनुसार वे फास्टैग डिसएबल कर दिए जाएंगे, जिनका KYC 31 मार्च तक पूरा नहीं होगा। जानिए एक अप्रैल से क्या-क्या बदलने वाला है।

अपडेटेड ITR

इनकम टैक्स विभाग के मुताबिक, असेसमेंट ईयर 2021-22 के लिए अपडेटेड रिटर्न (ITR-U) फाइल करने की आखिरी तारीख 31 मार्च 2024 है। अगर किसी वजह से ITR नहीं भरा गया या उसमें कोई जानकारी देना भूल गए, तो संबंधित असेसमेंट ईयर खत्म होने के 24 महीने के भीतर अपडेटेड रिटर्न भरा जा सकता है।

​फास्टैग केवाईसी

नैशनल हाइवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया के मुताबिक, 31 मार्च 2024 तक नो योर कस्टमर डिटेल्स अपडेट नहीं होने पर एक अप्रैल से फास्टैग डिएक्टिवेट किया जा सकता है। इसके लिए आपको बैंक से जुड़ी फास्टैग वेबसाइट पर जाना है। इसके बाद आप अपने रजिस्टर मोबाइल नंबर और ओटीपी के जरिए लॉगिन करें। अब माई प्रोफाइल को सेलेक्ट करें और उसके बाद केवाईसी पर क्लिक करें। इसके बाद जरूरी सभी जानकारी को भरें और सबमिट कर दें।

​NPS में नया नियम

पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डिवेलपमेंट अथॉरिटी के मुताबिक, NPS में टू-फैक्टर आधार ऑथेंटिकेशन की एक और सिक्योरिटी लेयर जोड़ी गई है। अब एनपीएस के सेंट्रल रिकॉर्ड कीपिंग एजेंसी सिस्टम में लॉगिन करने के लिए एनपीएस के आईडी और पासवर्ड के अलावा यूजर्स को आधार बेस्ड ऑथेंटिकेशन करना अनिवार्य होगा। अब एनपीएस सब्सक्राइबर्स के आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी जाएगा। इस ओटीपी को दर्ज करने के बाद ही अब यूजर्स पर एनपीएस अकाउंट में लॉगिन कर पाएंगे। PFRDA ने यह कदम एनपीएस खाते को फ्रॉड से सुरक्षित रखने के लिए उठाया है। यह नियम एक अप्रैल 2024 से लागू हो जाएगा।

​इंश्योरेंस पॉलिसी

इंश्योरेंस रेगुलेटर IRDAI के निर्देशानुसार पहली अप्रैल से सभी इंश्योरेंस पॉलिसी इलेक्ट्रॉनिक रूप में जारी की जाएंगी। एप्लिकेशन फिजिकल फॉर्म में हो या डिजिटल, कंपनियां इलेक्ट्रॉनिक फॉर्मैट में ही पॉलिसी जारी करेंगी। इलेक्ट्रॉनिक इंश्योरेंस पॉलिसीज को आपके ई-इंश्योरेंस एकाउंट में रखा जाएगा। यह एकाउंट खोलने के लिए पैसा नहीं देना होगा। एक पॉलिसीधारक का ऐसा एक ही एकाउंट खोला जा सकेगा। उसी में उसकी लाइफ, हेल्थ, जनरल सहित सभी इंश्योरेंस पॉलिसी की डिटेल्स होंगी। मौजूदा पॉलिसी को डिजिटल फॉर्मेट में कन्वर्ट करने के बारे में अभी स्थिति साफ नहीं है।
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