बता दें कि पिछले दिनों कोर्ट रिसीवर व उनकी टीम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आम्रपाली के सभी प्रॉजेक्टों को मार्च 2025 तक पूरा करने का दावा किया था। उस समय भी यह सवाल उठा था कि 10 हजार से ज्यादा फ्लैट अब भी ऐसे हैं जो एक साल से तैयार होने के बावजूद हैंडओवर नहीं हुए हैं। आखिर इसकी वजह क्या है? इसके जवाब में बताया गया था फ्लैट लेने के लिए लोग जरूरत के अनुसार दस्तावेज नहीं दिखा पा रहे हैं। इस वजह से इन फ्लैटों का हैंडओवर नहीं हो पाया है। इसी क्रम में कोर्ट रिसीवर ने रविवार को नोएडा-ग्रेनो के जो 10 प्रॉजेक्ट के 492 फ्लैटों की लिस्ट जारी की है उनमें अधिकांश ऐसे हैं जो डेढ़-साल से तैयार पड़े हैं लेकिन अभी तक इनका हैंडओवर नहीं हुआ है।
30 दिन में नहीं किया क्लेम तो फ्लैट हो जाएगा निरस्त, बायर्स की बढ़ गई चिंता, लगाया ये आरोप
नोएडा: नोएडा-ग्रेनो में आम्रपाली के 10 प्रॉजेक्टों में 492 घर खरीदारों को फ्लैट का हैंडओवर लेने के लिए अगले 30 दिन का अंतिम नोटिस रविवार को दिया गया है। अगर ये लोग 30 दिन में हैंडओवर नहीं लेते हैं तो इनके फ्लैट निरस्त कर दिए जाएंगे। कोर्ट रिसीवर की ओर से इसके लिए विज्ञापन के माध्यम से सूचना दे दी गई है। बताया जा रहा है कि जिन लोगों के नाम पर आम्रपाली के कस्टमर डेटा में ये फ्लैट हैं वे उनका हैंडओवर लेने नहीं आ रहे हैं। बायर असोसिएशन व अन्य लोगों का आरोप है कि उनसे 12-14 साल पुराने कई ऐसे दस्तावेज मांगे जा रहे हैं जिन्हें अब उपलब्ध कराना संभव नहीं है। बार-बार चक्कर काटने के बाद भी उन्हें फ्लैट नहीं दिए जा रहे और अब विज्ञापन जारी कर अंतिम नोटिस जारी कर दिया है। इससे बायर्स का तनाव बढ़ गया है। उन्हें डर है कि उनके जीवन भर की कमाई से खरीदा गया फ्लैट उनके हाथ से निकल जाएगा।











