एक सूत्र ने ईटी को बताया कि 360 वन प्राइम ने 14 से 15% के रेट पर 4,000 करोड़ रुपये ऑफर किए हैं। साथ ही कई और प्राइवेट क्रेडिट फंड्स ने भी क्रेडिट देने में दिलचस्पी दिखाई है लेकिन वे बहुत ज्यादा रेट मांग रहे हैं। इनमें Ares SSG भी शामिल हैं। एक और सूत्र ने कहा कि लोन के लिए रिलायंस कैपिटल के एसेट्स को गिरवी रखा जा रहा है। दिवालिया हो चुकी यह कंपनी इनसॉल्वेंसी प्रॉसीडिंग से गुजर रही है। ऐसे में प्राइवेट क्रेडिट फंड्स कम रेट पर लोन देने को तैयार नहीं हैं। 360 वन प्राइम के प्रवक्ता ने इस पर टिप्पणी करने से इन्कार कर दिया जबकि इंडसइंड इंटरनेशनल के प्रवक्ता ने तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की।
अनिल अंबानी की इस कंपनी को खरीदने के लिए हिंदूजा के भी छूटे पसीने, सस्ता कर्ज देने को कोई नहीं तैयार
नई दिल्ली: भारी कर्ज में डूबे कारोबारी अनिल अंबानी (Anil Ambani) की कंपनी रिलायंस कैपिटल बिकने जा रही है। हिंदूजा ग्रुप (Hinduja Group) इसके बैंकरप्सी कोड के तहत खरीदने की तैयारी में है। लेकिन इसके लिए कंपनी को फंड जुटाना मुश्किल हो रहा है। सूत्रों के मुताबिक इसके लिए वह नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी 360 वन प्राइम से 4,000 करोड़ रुपये उधार लेने के लिए बातचीत कर रहा है। 360 वन प्राइम को पहले आईआईएफएल वेल्थ प्राइम के नाम से जाना जाता था। हिंदूजा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी इंडसइंड इंटरनेशल होल्डिंग्स (IIHL) इस डील के लिए कुल 8,000 करोड़ रुपये उधार लेने की तैयारी में है। लेकिन उसे प्राइस से जुड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि क्रेडिट फंड्स ज्यादा रेट मांग रहे हैं।
कितना है ऑफर
हिंदूजा ग्रुप के ऑफर को अभी कोर्ट और रेगुलेटरी अथॉरिटीज से अप्रूवल नहीं मिला है। ग्रुप ने रिलायंस कैपिटल को खरीदने के लिए 9,650 करोड़ रुपये का ऑफर दिया था जिसे कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स ने पिछले साल जुलाई में मंजूरी दी थी। दिसंबर ने कंप्टीशन कमीशन ऑफ इंडिया ने रिलायंस कैपिटल में हिस्सा खरीदने के आईआईएचएल, आईआईएचएल बीएफएसआई (इंडिया) और Aasia Enterprises LLP की योजना को हरी झंडी दी थी। रिलायंस कैपिटल में करीब 20 फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनियां हैं। इनमें सिक्योरिटीज ब्रोकिंग, इंश्योरेंस और एक एआरसी शामिल है। आरबीआई ने भारी कर्ज में डूबी रिलायंस कैपिटल के बोर्ड को 30 नवंबर 2021 को भंग कर दिया था और इसके खिलाफ इनसॉल्वेंसी प्रॉसीडिंग शुरू की थी।











