हमास को मिला बढ़ावा
टाइम्स ऑफ इजरायल में ताल स्नाइडर ने लिखा है कि कई सालों तक बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व वाली कई सरकारों ने वह रास्ता अपनाया जिसने गाजा पट्टी और वेस्ट बैंक के बीच ताकत को बांटकर रख दिया। साथ ही फिलिस्तीनी प्राधिकरण के अध्यक्ष महमूद अब्बास को अपने घुटनों पर ला दिया। साथ ही कई ऐसे कदम उठाए गए जिससे हमास आतंकवादी समूह को बढ़ावा मिला। यह सब इसलिए हो रहा था ताकि अब्बास या फिलिस्तीनी प्राधिकरण की वेस्ट बैंक सरकार में किसी और को इस देश की स्थापना न करने दी जाए। लेकिन अब्बास को कमजोर करने की इसी कोशिश के बीच, हमास उस आतंकी संगठन में तब्दील हो गया जिसके साथ इजरायल ने मिस्र के जरिए अप्रत्यक्ष बातचीत की। साथ ही जिसे विदेशों से नकदी हासिल करने की मंजूरी भी मिल गई।
टाइम्स ऑफ इजरायल में ताल स्नाइडर ने लिखा है कि कई सालों तक बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व वाली कई सरकारों ने वह रास्ता अपनाया जिसने गाजा पट्टी और वेस्ट बैंक के बीच ताकत को बांटकर रख दिया। साथ ही फिलिस्तीनी प्राधिकरण के अध्यक्ष महमूद अब्बास को अपने घुटनों पर ला दिया। साथ ही कई ऐसे कदम उठाए गए जिससे हमास आतंकवादी समूह को बढ़ावा मिला। यह सब इसलिए हो रहा था ताकि अब्बास या फिलिस्तीनी प्राधिकरण की वेस्ट बैंक सरकार में किसी और को इस देश की स्थापना न करने दी जाए। लेकिन अब्बास को कमजोर करने की इसी कोशिश के बीच, हमास उस आतंकी संगठन में तब्दील हो गया जिसके साथ इजरायल ने मिस्र के जरिए अप्रत्यक्ष बातचीत की। साथ ही जिसे विदेशों से नकदी हासिल करने की मंजूरी भी मिल गई।
वर्क परमिट बने मुसीबत
इजरायल की तरफ से जब गाजा के मजदूरों को दिए जाने वाले वर्क परमिट की संख्या बढ़ाने के बारे में चर्चा हुई तो उसमें हमास को भी शामिल किया गया। इसका मकसद गाजा में पैसे का आना जारी रखना था ताकि परिवारों के लिए भोजन और बुनियादी उत्पादों को खरीदने की क्षमता बनी रहे। इजरायली अधिकारियों ने कहा कि ये परमिट शांति बनाए रखने में मदद करने के लिए एक शक्तिशाली उपकरण के तौर पर थे। साल 2021 में नेतन्याहू की पांचवीं सरकार का कार्यकाल जब अंत की तरफ था तो गाजा में लोगों को करीब 2000 से 3000 वर्क परमिट जारी किए गए थे।
इजरायल की तरफ से जब गाजा के मजदूरों को दिए जाने वाले वर्क परमिट की संख्या बढ़ाने के बारे में चर्चा हुई तो उसमें हमास को भी शामिल किया गया। इसका मकसद गाजा में पैसे का आना जारी रखना था ताकि परिवारों के लिए भोजन और बुनियादी उत्पादों को खरीदने की क्षमता बनी रहे। इजरायली अधिकारियों ने कहा कि ये परमिट शांति बनाए रखने में मदद करने के लिए एक शक्तिशाली उपकरण के तौर पर थे। साल 2021 में नेतन्याहू की पांचवीं सरकार का कार्यकाल जब अंत की तरफ था तो गाजा में लोगों को करीब 2000 से 3000 वर्क परमिट जारी किए गए थे।
लगातार होता इजाफा
नेतन्याहू की बातों में अंतर
ताल की मानें तो ज्यादातर समय इजरायली नीति फिलिस्तीनी प्राधिकरण को एक बोझ और हमास को एक संपत्ति के रूप में मानने की थी। धुर दक्षिणपंथी एमके बेजेलेल स्मोट्रिच जो अब कट्टरपंथी सरकार में वित्त मंत्री और धार्मिक यहूदी पार्टी के नेता हैं वह खुद साल 2015 में ऐसा कह चुके हैं। कई रिपोर्ट्स के मुताबिक नेतन्याहू ने साल 2018 की शुरुआत में लिकुड पार्टी की बैठक में इसी तरह की बात कही थी। उन्हें यह कहते हुए सुना गया था कि जो लोग फिलिस्तीन का विरोध करते हैं, उन्हें गाजा में धन के हस्तांतरण का समर्थन करना चाहिए। ऐसा करने से फिलिस्तीनी प्राधिकरण के बीच मतभेद बरकरार रखा जा सकता है। साथ ही गाजा में वेस्ट बैंक और हमास फिलिस्तीनी राज्य की स्थापना को रोक देंगे। नेतन्याहू सार्वजनिक तौर पर इस तरह के बयान नहीं देते हैं। लेकिन उनके शब्द उस नीति का हिस्सा हैं जो उन्होंने लागू की है।
