भोपाल मेट्रो यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी, अब दोनों ट्रैक पर दौड़ेगी ट्रेन, प्रतिदिन करीब 20 फेरे होंगे संचालित

भोपाल मेट्रो यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी, अब दोनों ट्रैक पर दौड़ेगी ट्रेन, प्रतिदिन करीब 20 फेरे होंगे संचालित

भोपाल। शहर में मेट्रो के यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। इस सप्ताह से मेट्रो की सेवाएं बढ़ने जा रही हैं। कम्युनिकेशन बेस्ड ट्रेन कंट्रोल (सीबीटीसी) सिग्नलिंग सिस्टम के प्रमाणन के बाद प्रायोरिटी कारिडोर में दो ट्रैक पर संचालन शुरू हो जाएगा।

आरेंज लाइन पर फेरे बढ़कर करीब 20 प्रतिदिन हो जाएंगे। यात्रियों का सफर पहले की तुलना में काफी कम समय में पूरा होगा। मेट्रो के अधिकारियों का कहना है कि बेहतर फ्रीक्वेंसी और कम यात्रा समय से मेट्रो की विश्वसनीयता बढ़ेगी। इससे रोजाना सफर करने वाले यात्रियों की संख्या में भी वृद्धि होने की संभावना है।

ऑरेंज लाइन पर होंगे 20 फेरे

  • मध्यप्रदेश मेट्रो रेल कार्पोरेशन लिमिटेड के अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में एम्स भोपाल से सुभाष नगर के बीच करीब सात किलोमीटर के हिस्से में एक ही ट्रेन आगे-पीछे चल रही है। सीबीटीसी सिस्टम लागू होने के बाद दोनों ट्रैक का उपयोग किया जा सकेगा। इससे ट्रेनों के बीच अंतराल कम होगा और यात्रियों को अधिक बार मेट्रो उपलब्ध हो सकेगी।
  • नई समय-सारणी के अनुसार मेट्रो सेवा सुबह वर्तमान समय से करीब दो घंटे पहले शुरू होगी। अभी आरेंज लाइन पर प्रतिदिन केवल 9 फेरे संचालित हो रहे हैं, जिन्हें बढ़ाकर करीब 20 किया जाएगा। इससे सुबह और शाम के व्यस्त समय में यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।

अप्रैल से चल रहा था सिग्नलिंग अपग्रेड का काम

भोपाल मेट्रो की सात किलोमीटर लंबी आरेंज लाइन पर अप्रैल के तीसरे सप्ताह से सिग्नलिंग सिस्टम को अपग्रेड करने का काम चल रहा था। सुरक्षा कारणों से इस दौरान सेवाओं को सीमित रखा गया था। अधिकारियों का कहना है कि यह कटौती जरूरी थी, जिससे आधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम की स्थापना और परीक्षण सुरक्षित तरीके से पूरा किया जा सके।

80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकती है मेट्रो

भोपाल मेट्रो का प्रायोरिटी कारिडोर करीब सात किलोमीटर लंबा है, जिसमें आठ स्टेशन शामिल हैं। मेट्रो ट्रेन की अधिकतम गति 80 किलोमीटर प्रति घंटा है। एक ट्रेन में 144 यात्रियों के बैठने और 981 यात्रियों के खड़े होकर सफर करने की क्षमता है।


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