ILS हॉस्पिटल्स को ऑपरेट करने वाली GPT हेल्थकेयर लिमिटेड का IPO 22 फरवरी को खुलेगा। इसमें आप 26 फरवरी तक पैसा लगा सकते हैं। 29 फरवरी को कंपनी के शेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर लिस्ट होंगे।
GPT हेल्थकेयर इस IPO के जरिए 525.14 करोड़ जुटाना चाहती है। इसके लिए कंपनी ₹40 करोड़ के 2,150,537 फ्रेश शेयर इश्यू करेगी। जबकि, कंपनी के मौजूदा निवेशक ऑफर फॉल सेल के जरिए ₹485.14 करोड़ के 26,082,786 शेयर बेचेंगे।
कंपनी ने IPO का प्राइस बैंड ₹177 से ₹186 तय किया है।
IPO और कंपनी के ग्रोथ प्लान को लेकर GPT हेल्थकेयर लिमिटेड के CFO अतुल टांटिया का क्या कहना है, पढ़िए उनका पूरा इंटरव्यू...
सवाल : कंपनी क्या करती है और IPO से जुटाए पैसों का इस्तेमाल कहां करेगी?
जवाब: हमारी कंपनी कोलकाता बेस्ड है। हम ILS के 4 हॉस्पिटल्स चलाते हैं, जिसमें 2 हॉस्पिटल्स कोलकाता में, 1 हावड़ा में और 1 अगरतला में हैं। चारों हॉस्पिटल्स में टोटल 561 बेड हैं। ये फुल सर्विस हॉस्पिटल्स हैं, जिसमें हम बेस्ट क्लास केयर देते हैं।
आने वाले समय में हम 2-3 हॉस्पिटल्स और खोलने वाले हैं। फ्रेश इश्यू के जरिए जुटाई गई राशि में से 30 करोड़ रुपए का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए किया जाएगा।
सवाल : ILS नाम से आप अपने हॉस्पिटल ऑपरेट करते हैं, इनकी USP क्या हैं?
जवाब: हम मल्टी स्पेशलिटी ट्रीटमेंट घर के पास देते हैं। ज्यादातर शहरों में बड़े हॉस्पिटल्स शहर के बाहर होते हैं, जहां पर लोग रहते हैं वहीं पर अच्छा ट्रीटमेंट नहीं मिल पाता है। हमारे हॉस्पिटल्स नेबरहुड की तरह है। यही हमारी USP है। हमारी शुरुआत साल 2000 में कोलकाता के साल्ट लेक इलाके में 8 बेड वाले हॉस्पिटल से हुई थी।
सवाल: आपने कब सोचा कि जीपीटी हेल्थकेयर लिमिटेड का IPO लाना चाहिए?
जवाब: हमने पिछले 2 सालों में सोचा कि मार्केट में लिस्टिंग कर लेनी चाहिए। मार्केट पिछले 3-4 साल से नई कंपनियों की लिस्टिंग के लिए अच्छा रहा है। इसके अलावा हमारे साथ नवंबर 2014 से प्राइवेट इक्विटी इन्वेस्टर वैनिटी ग्रोथ कैपिटल जुड़ा है। 2014 में फाइनेंशियल डेट और बिजनेस बढ़ाने में इन्होंने काफी मदद की थी। ये अब कंपनी से पैसा निकालना चाहते हैं।
वहीं ईस्टन इंडिया चेन बेस्ड अभी कोई भी हॉस्पिटल्स मार्केट में लिस्ट नहीं है। कोविड के बाद लोगों का हॉस्पिटल्स के प्रति पॉजिटिव थिंकिंग और पॉजिटिव ऑउटलुक भी है।
सवाल: IPO में रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 35% हिस्सा रिजर्व रखा गया है, कोई खास वजह?
जवाब:सेबी के नियम के हिसाब से प्रॉफिटेबल कंपनी को रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 35% हिस्सा रिजर्व रखना होता है। वहीं लॉस मेकिंग कंपनी को रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 10% रिजर्व रखना होता है। वहीं IPO का 50% हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए रिजर्व है। 15% हिस्सा नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) के लिए रिजर्व है।
सवाल: आपको कितने सब्सक्रिप्शन की उम्मीद हैं? GMP अभी न्यूट्रल है इस पर क्या कहना है?
जवाब: सब्सक्रिप्शन की उम्मीद तो जो आप कर सकते हैं वही हम कर सकते हैं। हम कोई स्पेशल उम्मीद नहीं कर सकते हैं। वहीं ग्रे मार्केट प्रीमियम पर हम कोई कमेंट नहीं कर सकते। लिस्टिंग मार्केट पर निर्भर होती है, इसलिए हमारा इसपर कोई भी व्यू नहीं है।
सवाल: कंपनी के बिजनेस एक्सपेंशन का क्या प्लान है?
जवाब: हमारा एक हॉस्पिटल रायपुर में पंचवेरी नाका के पास आ रहा है जो 2024 में शुरू हो सकता है, यह 152 बेड का हॉस्पिटल है। एक और हॉस्पिटल रांची में बन रहा है जो 2027 में शुरू होगा। इसके अलावा ईस्टन इंडिया में और भी अपॉर्चुनिटीज देख रहे हैं, जहां डिमांड हाई हो।











