सिर पर गेंद लगने के बाद मिला मौका, टेस्ट में बने नंबर एक बल्लेबाज, क्या वनडे में भी बदलेगी कहानी
नई दिल्ली: ऑस्ट्रेलिया की टीम एशेज सीरीज के लिए 2019 में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर थे। लंदन में खेले गए दूसरे टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख बल्लेबाज स्टीव स्मिथ को हेलमेट पर गेंद लगी। इसकी वजह से वह दूसरी पारी में बैटिंग नहीं कर पाए। उससे कुछ समय पहले ही कन्कशन सब्स्टीट्यूट का नियम आया था। स्मिथ की जगह ऑस्ट्रेलिया की प्लेइंग इलेवन में मार्नस लाबुशेन (Marnus Labuschagne) को शामिल किया गया। लाबुशेन क्रिकेट इतिहास के पहले कन्कशन सब्स्टीट्यूट थे। दूसरी पारी में उन्होंने 59 रन ऑस्ट्रेलिया के लिए मैच बचा लिया। उसी पारी ने ऑस्ट्रेलिया की प्लेइंग इलेवन में लाबुशेन की जगह पक्की करवा दी। कुछ समय बाद टेस्ट के नंबर एक बल्लेबाज भी बने।
कन्कशन सब्स्टीट्यूट के रूप में दिलाई जीत
ऑस्ट्रेलिया की टीम दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर है। दोनों टीमों के बीच गुरुवार को वनडे सीरीज का पहला मैच खेला गया। ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख बल्लेबाज कैमरून ग्रीन को सिर पर गेंद लगी। चौथे नंबर पर उतरे ग्रीन को दूसरी ही गेंद हेलमेट पर आकर लगी। इसकी वजह से उन्हें रिटायर हर्ट होना पड़ा। उनकी जगह मार्नस लाबुशेन को कन्कशन सब्स्टीट्यूट के रूप में प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया। 8वें नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे लाबुशेन ने 93 गेंदों पर 80 रन बनाकर ऑस्ट्रेलिया को हारे हुए मैच में जीत दिला दी। 223 रनों का लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम का स्कोर 7 विकेट पर 113 रन था। लाबुशेन ने एस्टन एगर के साथ 8वें विकेट के लिए नाबाद 112 रन जोड़े।
क्या वनडे में बदलेगी कहानी?
टेस्ट में कन्कशन सब्स्टीट्यूट होने से पहले मार्नस लाबुशेन ने 5 मुकाबले खेले थे। इसमें 26 की औसत से सिर्फ 210 रन ही बने थे। वनडे की बात करें तो लाबुशेन की स्थिति कुछ ऐसी ही है। 30 मैच के बाद उनके नाम कन्कशन सब्स्टीट्यूट होने से पहले लाबुशेन ने 31 की औसत से सिर्फ 847 रन बनाए थे। इसी वजह से उन्हें वर्ल्ड कप की टीम में भी जगह नहीं मिली है। लेकिन मुश्किल विकेट पर एक ही पारी से उन्होंने दावेदारी पेश कर दी है। अभी 28 सितंबर तक वर्ल्ड कप टीम में बदलाव किए जा सकते हैं। तो क्या टेस्ट की तरफ वनडे में स्मिथ के करियर कन्कशन सब्स्टीट्यूट बनने के बाद उड़ान भरेगा।











