'स्टर्जन मून' नाम का एक ऐतिहासिक महत्व है। यह तब रखा गया था जब मूल अमेरिकियों, औपनिवेशिक अमेरिका और यूरोपीय लोगों ने फूल मून को देखा और उनके लिए खासतौर पर नाम दिए। सुपरमून तब दिखाई देता है जब चंद्रमा की कक्षा उसे सामान्य से अधिक पृथ्वी के करीब लाती है जिसके चलते आसमान में देखने वालों के लिए यह एक अद्भुत नजारा होता है।
हो जाइए तैयार सुपरमून के अद्भुत नजारे के लिए! 1 अगस्त को धरती के सबसे करीब आ रहे 'चंदा मामा'
वॉशिंगटन : स्काईवॉचर्स के लिए अगस्त का महीना काफी दिलचस्प होने वाला है क्योंकि इस महीने एक नहीं बल्कि दो फुल मून नजर आने वाले हैं और दोनों ही सुपरमून हैं। इनमें से पहला फुल मून 1 अगस्त को नजर आएगा जिसे स्टर्जन मून के रूप में जाना जाता है। सुपरमून होने के कारण यह चंद्रमा सामान्य फुल मून की तुलना में थोड़ा बड़ा और अधिक चमकीला दिखाई देता है जिस वजह से इसका नजारा देखते ही बनता है।
अगस्त में दिखेंगे दो सुपरमून
1 अगस्त को स्टर्जन मून 2:32 बजे अपने पीक पर होगा। सूर्यास्त के बाद जब यह दक्षिण-पूर्व क्षितिज से ऊपर उठेगा तब भी यह पूरी तरह दिखाई देगा। 'सुपरमून' का टैग इसकी सुंदरता को बढ़ाता है जिससे यह आम फुल मून की तुलना में बड़ा और चमकीला दिखाई देता है। साल 2023 सुपरमून के लिहाज से बेहद खास है, जिसमें कुछ चार ऐसी घटनाएं होंगी। खासतौर पर 30 अगस्त का फुल मून एक ब्लू मून होगा जो अगस्त महीने का दूसरा फुल मून होगा।
जुलाई में दिखा साल का पहला सुपरमून
हर फुल मून का नाम अपना एक सांस्कृतिक महत्व रखता है और यह विभिन्न परंपराओं से जुड़ा होता है। इससे पहले 3 जुलाई को दुनिया के कई हिस्सों में सुपरमून देखा गया था। यह साल का पहला सुपरमून था जिसे 'बक मून' भी कहा जाता है। इस दौरान चंद्रमा और पृथ्वी के बीच 361,934 किमी की दूरी थी जो सामान्य से 22,466 किमी कम थी। एक आम फुल मून की तुलना में 5.8 प्रतिशत बड़ा और 12.8 प्रतिशत चमकीला नजर आया था।











