टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक काफी कंपनियां इस समय अपने प्रोडक्ट की खपत की कमी से जूझ रही हैं। वहीं मध्यम वर्ग अपने पैसे को सोच समझकर खर्च कर रहा है। ऐसे कंपनियां प्लान कर रही हैं कि महाकुंभ में आने वाले 40 करोड़ लोगों को मार्केटिंग के जरिए अपने ब्रांड का परिचय कराएं। साथ ही कंपनियां इस दौरान नए प्रोडक्ट की लॉन्चिंग की भी तैयारी में हैं। इनमें FMCG कंपनियों से लेकर बैंकों और स्टार्टअप्स तक शामिल हैं।
विज्ञापन पर हजारों करोड़ खर्च
व्यापार और ब्रांड रणनीति विशेषज्ञ हरीश बिजूर ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि कंपनियां महाकुंभ के मौके पर विज्ञापन और मार्केटिंग में करीब 3600 करोड़ रुपये खर्च करेंगी। इसमें से करीब 25% रकम आउटडोर विज्ञापन पर खर्च की जाएगी।रेडिफ्यूजन के चेयरमैन संदीप गोयल ने कहा कि महाकुंभ जैसे आयोजन ब्रांडों को तत्काल मार्केटिंग का लाभ उठाने का मौका देते हैं। इससे ब्रांड काफी लोगों की नजरों में आता है। ज्यादातर ब्रांड इसे अपने इनोवश को प्रदर्शित करने के अवसर के रूप में इस्तेमाल करते हैं। इसके अलावा महाकुंभ ब्रांडों के लिए एक ऐसी बढ़िया जगह हो सकती है जहां कंपनियां कस्टमर से अपने नए प्रोडक्ट की प्रतिक्रिया जान सकती हैं। कस्टमर की प्रतिक्रिया के अनुसार वे अपने उस प्रोडक्ट को मार्केट में लॉन्च करने से पहले उसमें जरूरी बदलाव कर सकती हैं।
बड़ी-बड़ी कंपनियां शामिल
महाकुंभ के मौके को कैश करने में डाबर, रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, पेप्सिको, कोका-कोला और आईटीसी जैसी एफएमसीजी कंपनियां शामिल हैं। ये कंपनियां बिक्री में मंदी के बीच अपने प्रोडक्ट पर ज्यादा से ज्यादा लोगों का ध्यान आकर्षित करने के लिए महाकुंभ पर बड़ा दांव लगा रही हैंक्रिएटिविटी और इनोवेशन भी
कई कंपनियां इनोवेशन पर भी काम कर रही हैं। साथ ही अपने ब्रांड की एक्टिवेशन पर भी काफी पैसा खर्च कर रही हैं। जैसे कंपनियां घाटों पर महिला श्रद्धालुओं के लिए चेंजिंग रूम, बेबी केयर रूम तैयार कर रही हैं। इसमें कंपनियां अपने हेयर केयर और बेबी केयर प्रोडक्ट की ब्रांडिंग करेंगी।डाबरइंडिया के सीईओ मोहित मल्होत्रा ने कहा कि भीड़ भरे माहौल में अलग दिखने के लिए क्रिएटिविटी और इनोवेशन की आवश्यकता होती है। भले ही यह जगह अव्यवस्थित लगे, लेकिन कंपनियों के लिए यह अवसर ब्रांड को उपभोक्ताओं तक पहुंच बनाने का मौका देता है। इससे आने वाले दिनों में बिक्री बढ़ेगी।क्या है रिलायंस और दूसरी कंपनियों का प्लान?
रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स अपने ब्रांड कैम्पा का खूब प्रचार कर रहा है। इसने मेले में तीर्थयात्रियों के लिए विश्राम क्षेत्र बनाया है और इसे कैम्पा आश्रम के रूप में ब्रांड किया है। कंपनी अपने ब्रांड इंडिपेंडेंस (Independence) की ओर से पेश किए जाने वाले मुख्य खाद्य पदार्थों और स्नैक्स की भी पहुंच बढ़ाएगी।आईटीसी उपभोक्ताओं को क्षेत्रीय भोजन परोसेगी। इसे इसके ब्रांड बिंगो के प्रोडक्ट्स के साथ मिलाया जाएगा। कोका-कोला ने कुछ इसी तरह की रणनीति अपनाई है। कोका-कोला इंडिया और दक्षिण-पश्चिम एशिया में मार्केटिंग की उपाध्यक्ष ग्रीष्मा सिंह ने कहा, 'हम अपने पेय पदार्थों को स्थानीय खाने की चीजों और स्वाद के साथ जोड़ेंगे।'
पेप्सिको के एनर्जी ड्रिंक स्टिंग ने ऑटो रिक्शा की ब्रांडिंग के अलावा श्रद्धालुओं के लिए मोबाइल चार्जिंग टावर लगवाए हैं। बैंक ऑफ बड़ौदा अपने नए यूपीआई पेमेंट पीएसपी ऐप Bob Epay की मार्केट में पहुंच बढ़ाने के लिए इस अवसर का इस्तेमाल कर रहा है।











