जकरबर्ग का जन्म 14 मई 1984 में न्यूयॉर्क के वाइट प्लेन्स में हुआ था। उन्होंने साल 2004 में हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के हॉस्टल रूम में अपने तीन दोस्तों के साथ मिलकर फेसबुक की स्थापना की थी जो आज दुनिया की सबसे बड़ी सोशल नेटवर्क साइट है। साल 2004 में ही जकरबर्ग ने वेंचर कैपिटेलिस्ट Peter Thiel से 5,00,000 डॉलर का एंजल इनवेस्टमेंट हासिल किया। अगले साल यानी 2005 में उन्होंने आधिकारिक रूप से अपनी कंपनी का नाम फेसबुक रखा। उसी साल याहू ने कंपनी को एक अरब डॉलर में खरीदने की पेशकश की थी लेकिन इस ऑफर को जकरबर्ग ने ठुकरा दिया था। साल 2007 में 23 साल की उम्र में जकरबर्ग दुनिया में सबसे कम उम्र के बिलिनेयर बन गए थे।
2012 में हुई लिस्टिंग
साल 2012 कंपनी के लिए खास रहा। उसी साल फेसबुक ने डिजिटल फोटो कंपनी इंस्टाग्राम का एक अरब डॉलर में अधिग्रहण किया। उसी साल मई में फेसबुक को पब्लिक कराया जो उस समय सबसे बड़ा टेक आईपीओ था। उसी साल फेसबुक के यूजर्स की संख्या एक अरब के पार पहुंच गई। इसके बाद तो उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और अमीरों की लिस्ट में लगातार ऊपर चढ़ते गए। साल 2014 में फेसबुक ने सबसे बड़ी खरीदारी की। उसने मैसेजिंग ऐप वॉट्सऐप को 19 अरब डॉलर की भारी-भरकम रकम देकर खरीदा। यह फेसबुक का अब तक का सबसे बड़ा अधिग्रहण था। यह गूगल, माइक्रोसॉफ्ट या ऐपल की किसी भी डील से बड़ी थी। दोनों कंपनियों के बीच दो साल से इसके लिए बातचीत चल रही थी।अक्टूबर 2021 में फेसबुक का नाम बदलकर मेटा प्लेटफॉर्म हो गया। इसमें तीन कंपनियां फेसबुक, इंस्टाग्राम और वॉट्सऐप शामिल हैं। साल 2022 में कंपनी का रेवेन्यू 117 अरब डॉलर रहा और इसके मंथली यूजर्स 3.7 अरब थे। जकरबर्ग की मेटा प्लेटफॉर्म्स में करीब 13 फीसदी हिस्सेदारी है। मेटा प्लेटफॉर्म्स आज 1.344 ट्रिलियन डॉलर के मार्केट कैप के साथ दुनिया की सातवीं सबसे बड़ी कंपनी है। गूगल की पेरेंट कंपनी अल्फाबेट, ऐमजॉन, सऊदी अरामको, एनवीडिया, ऐपल और माइक्रोसॉफ्ट का मार्केट कैप ही मेटा प्लेटफॉर्म्स से ज्यादा है।











