सुस्ती का असर? मोबाइल फोन की घटी बिक्री, कंपनियों को लेने के देने पड़ गए
नई दिल्ली: एक समय था, जबकि दुनिया भर की कंपनियां भारत आकर मोबाइल फोन बनाने के लिए फैक्ट्री (Mobile Phone Factory) लगा रही थी। सरकार यहां लोकल मैन्यूफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए अच्छी खासी प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेटिव (PLI) दे रही थी। इसका फायदा उठाने के लिए यहां मोबाइल फोन बनाने की खूब क्षमता बढ़ी। लेकिन अब चाहे विदेशी बाजार हो या घरेलू, सब जगह मांग में भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। इस वजह से इन फैक्ट्रियों की फोन उत्पादन क्षमता में से आधे का भी उपयोग नहीं हो पा रहा है।











