ED की बायजू रवींद्रन के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर की मांग

ED की बायजू रवींद्रन के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर की मांग

एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) ने ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन (BOI) से ऐडटेक फर्म बायजूस के फाउंडर और CEO बायजू रवींद्रन के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी करने के लिए कहा है। इसके जरिए जांच एजेंसी यह सुनिश्चित करना चाहती है कि बायजू रवींद्रन देश छोड़कर न जाएं। इकोनॉमिक्स टाइम्स ने अपनी एक रिपोर्ट में इसके बारे में जानकारी दी है।
रवींद्रन के खिलाफ LOC ऑन इंटिमेशन पहले से ही जारी है। ED के कोच्चि ऑफिस के रिक्वेस्ट के बाद डेढ़ साल पहले इसे जारी किया गया था। जिस व्यक्ति के खिलाफ LOC ऑन इंटिमेशन जारी होता है उसके विदेश जाते समय इमिग्रेशन ऑफिसर जांच एजेंसी को इसके बारे में जानकारी देता है। हालांकि, इसमें उस व्यक्ति को विदेश जाने से रोकने का अधिकार नहीं होता ।​​​​​​​
अभी दुबई में बायजूस फाउंडर
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बायजू रवींद्रन पिछले तीन साल से दिल्ली और दुबई में रह रहे हैं। मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि वह इस हफ्ते की शुरुआत में बेंगलुरु में थे। वहीं, पिछले हफ्ते काम के सिलसिले में दिल्ली में थे। वह अभी दुबई में हैं। वह इस हफ्ते की शुरुआत में अमीरात के लिए रवाना हुए थे और कल सिंगापुर जाएंगे।​​​​​​​
लुक आउट नोटिस के बाद देश छोड़ने की नहीं मिलेगी अनुमति
भले ही रवींद्रन विदेश में हों, लेकिन एक बार लुक आउट नोटिस जारी होने के बाद उन्हें देश छोड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम के तहत बायजूस की जांच कर रही ED
ED बायजूस के खिलाफ विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) उल्लंघन के तहत भी जांच कर रही है। इसको लेकर 3 महीने पहले प्रवर्तन निदेशालय ने बायजू रवीन्द्रन और थिंक एंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड को 9,000 करोड़ रुपए का नोटिस भी भेजा था।
ED के अनुसार, बायजूस ने बताया था कि उसने भारत के बाहर निवेश किया था जो कि कथित तौर पर फेमा 1999 के प्रावधानों का उल्लंघन है। इससे भारत सरकार को राजस्व का नुकसान हुआ था, जिससे 1999 के प्रावधानों का उल्लंघन हुआ है।
बायजूस का 2022 में घाटा बढ़कर 8,245 करोड़ रहा
एड-टेक कंपनी बायजूस को वित्त वर्ष 2022 में ₹8,245 करोड़ का घाटा हुआ है। वित्त वर्ष 2021 में घाटा 4,564 करोड़ रुपए था। यानी कंपनी का घाटा करीब-करीब दोगुना हो गया है।
इस दौरान कंपनी का टोटल रेवेन्यू ₹5,298 करोड़ रहा। 2021 में रेवेन्यू 2,428 करोड़ रुपए था। यानी रेवेन्यू में 118% का उछाल आया है। बायजूस की पैरेंट कंपनी थिंक एंड लर्न ने कंपनी रजिस्ट्रार के पास अपनी ऑडिटेड फाइनेंशियल रिपोर्ट दाखिल की है।
​​​​​​​घाटे का लगभग आधा हिस्सा (लगभग 3,800 करोड़ रुपए) व्हाइटहैट जूनियर और ओस्मो जैसी कंपनियों के कारण है। कंपनी की ओर से किए गए ये दो प्रमुख अधिग्रहण हैं।

3 बड़ी चीजें जो बायजूस के साथ बीते दिनों हुई

  • भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने बायजूस के खिलाफ दिवालिया कार्रवाई शुरू की। बायजूस पर ₹158 करोड़ के पेमेंट में चूक का आरोप है।
  • ED ने 9,000 करोड़ से अधिक के FEMA उल्लंघन मामले में नोटिस भेजा। फॉरेन करेंसी फ्लो को लेकर 1999 में FEMA बना था।
  • गुरुग्राम ऑफिस का रेंट पेमेंट न करने पर कर्मचारियों को प्रॉपर्टी मालिक ने बाहर कर दिया। उनके लैपटॉप जब्त कर लिए।

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