एक हार से घबराना नहीं, इस टीम में विश्व विजेता बनने का दम है, 5 पॉइंट में समझिए हार्दिक सेना की ताकत

एक हार से घबराना नहीं, इस टीम में विश्व विजेता बनने का दम है, 5 पॉइंट में समझिए हार्दिक सेना की ताकत
भारत को वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 सीरीज के पहले मैच में हार मिली। हार्दिक पंड्या की कप्तानी वाली टीम 150 रनों का लक्ष्य हासिल नहीं कर पाई। बल्लेबाजी के लिए धीमी पिच पर भारत के युवा धुरंधर रन बनाने के लिए जूझते दिखे। एक समय भारत की जीत साफ दिख रही थी। लेकिन अंत में वेस्टइंडीज ने बाजी मार ली। हालांकि एक मैच से भारत की युवा ब्रिगेट को जज करना सही नहीं होगा। इस टीम में चैंपियन बनने का दम है। चलिए हम आपको बताते हैं कि ऐसा क्यों हैं।

प्रेशर झेलने का अनुभव

भारतीय टीम के खिलाड़ी भले ही युवा हैं लेकिन उनके पास हर परिस्थिति का अनुभव है। इसकी सबसे बड़ी वजह आईपीएल है। यहां उन्हें वर्ल्ड क्लास खिलाड़ियों के खिलाफ खेलने का मौका मिलता है। दबाव और आखिरी ओवर तक जाने वाले मुकाबले आईपीएल में कहीं ज्यादा होते हैं। इसकी वजह से भारत के युवा खिलाड़ियों के पास कम उम्र में ही काफी अनुभव है।

बेखौफ बल्लेबाजी लाइनअप

युवा भारतीय बल्लेबाज बेखौफ होकर खेलने में भरोसा रखते हैं। कई बार इसकी वजह से विकेट जरूरत गिरते हैं लेकिन ज्यादा मौकों पर यह विपक्षी टीम को बैकफुट पर धकेल देता है। पिछले काफी समय से मांग हो रही थी कि टीम इसी अप्रोच से खेले। अब टीम वही कर भी रही है।

फील्डिंग के क्या ही कहने

युवा टीम होने का सबसे ज्यादा फायदा फील्डिंग में मिलता है। भारतीय टी20 टीम को देखें तो कहीं भी फील्डिंग में कमजोर कड़ी नहीं दिखती। वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले मुकाबले में बी तिलक वर्मा ने भागते हुए बेहतरीन कैच लिया। इसके अलावा गिल, सूर्या, हार्दिक, संजू, अक्षर सभी शानदार फील्डर हैं।

गेंदबाजी में विविधता

टी20 में भारत की गेंदबाजी को देखें तो हर विकल्प आपको मिलेंगे। चहल लेग स्पिनर हैं, कुलदीप चाईनामैन, अक्षर बाएं हाथ के स्पिनर, अर्शदीप बाएं हाथ के तेज गेंदबाज, मुकेश कुमार दाएं हाथ के तेज गेंदबाज, कप्तान हार्दिक पंड्या हिट द डेक बॉलर। ऐसे में टीम हर परिस्थिति में बल्लेबाजों तंग कर सकती है। और अभी तो बुमराह को आना ही है।

हार्दिक पंड्या की कूल कप्तानी

हार्दिक पंड्या की कप्तानी की सबसे बड़ी खासियत है कि वह खुद को शांत रखते हैं। धोनी की तरह मैच की किसी भी परिस्थिति में हार्दिक संयम नहीं खोते। हमेशा गेंदबाजों से बात करते रहते हैं। खुद भी गेंदबाज होने की वजह से हार्दिक को पता है कि गेंदबाज अपने कप्तान से क्या उम्मीद करता है। भारतीय टीम के लिए यह काफी फायदेमंद है।
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