मदद करने की चाहत और नगर निगम की लापरवाही से Delivery Boy की डूबकर मौत! जानिए क्या हुआ उस वक्त

मदद करने की चाहत और नगर निगम की लापरवाही से Delivery Boy की डूबकर मौत! जानिए क्या हुआ उस वक्त
सुमित शर्मा, कानपुर: यूपी के कानपुर से एक दर्दनाक घटना प्रकाश में आई है। कानपुर मंडल में बीते तीन दिनों से लगातार बारिश हो रही है। कानपुर की सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं। वहीं, ढालूपुल (खलवा पुल) में पानी भरने के बाद नदी में बदल गया है। बीते बुधवार की रात भीषण बारिश हुई थी। इस बारिश के बीच ढालूपुल के बीचों-बीच कार सवार लोग फंस गए थे। डिलीवरी ब्वॉय (Delivery Boy) की नजर पड़ी, उसने अपनी बाइक खड़ी की और जोमैटो (Zomato) का बैग बाइक पर रखकर कार सवार लोगों को बचाने के लिए निकल पड़ा। इस दौरान उसकी पानी में डूबने से मौत हो गई।

जूही थाना क्षेत्र स्थित बीते गुरूवार को ढालूपुल के कीचड़ में डिलीवरी ब्वॉय की लाश मिली थी। पुलिस ने उसकी बाइक के रजिस्ट्रेशन नंबंर के आधार पर शिनाख्त की तो, पता चला कि मृतक का नाम चरन सिंह था। चरन सिंह मूलरूप से फतेहपुर जिले का रहने वाला था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है। इसके साथ ही पुलिस ने परिजनों की घटना की सूचना दी। जूही ढालूपुल में बारिश के दौरान हर साल किसी न किसी की डूबने से मौत होती है। इसमें पुलिस की लापवाही सामने आती है। बारिश के दौरान ढालूपुल को दोनों तरफ से बैरिकेडिंग लगाकर बंद कर देना चाहिए। हालांकि पुलिस की नींद घटना के बाद टूटती है।

साल दर साल बढ़ता जा रहा मौत का आंकड़ा

संपवेल के निर्माण के दो साल तक सबकुछ ठीक चलता रहा, लेकिन 2019 के बाद हादसों का दौर शुरू हो गया। वर्ष 2019 में यशोदा में रहने वाले बुजुर्ग पुरोहित साइकिल से पुल पार कर रहे थे। इसी दौरान उनकी पानी में डूबकर मौत हो गई थी। इसके बाद 2020 में एक रिक्शा चालक की डूबकर मौत हो गई थी। साल 2022 में एक भी एक युवक की डूबकर मौत हो गई थी। 21 जून 2023 की रात डिलीवरी ब्वॉय चरन सिंह की डूबकर मौत हो गई।

तीन करोड़ की लागत से बना था संपवेल

जानकार बताते हैं कि जूही ढालूपुल का निर्माण अंग्रेजों के समय में हुआ था। इसके निर्माण के बाद से ही बारिश के दौरान जल भराव की समस्या बनी हुई है। इस समस्या से निपटने के लिए नगर निगम ने 2017 में तीन करोड़ की लागत से जल निकासी के लिए संपवेल का निमार्ण कराया था। लेकिन हर साल बढ़ते मौत के आकड़ों ने नगर-निगम की इस योजना को फेल साबित कर दिया है। यदि पिछले चार साल की बात की जाए, तो बारिश के दौरान इस पुल में डूबकर चार लोगों की मौत हो चुकी है।

पंपिंग स्टेशन बंद था

स्थानीय लोगों ने बताया कि संपेवल का बारिश के दौरान नगर निगम और जल निगम का संपवेल और सीवरेज पंपिंग स्टेशन बंद था। इसकी वजह से पुल में पानी भर गया था। नगर आयुक्त शिव शरणप्पा ने घटना स्थल का निरीक्षण किया था। अधिशासी अभियंता नगर निगम आरके सिंह का कहना है कि जल निगम के सीवरेज पंपिग स्टेशन से जल निकासी होती है। पंपिंग स्टेशन बंद होने के कारण दिक्कत आती है।
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