टेरी गाउ का जन्म 18 अक्टूबर, 1950 को ताइपेई में हुआ था। उनका परिवार 1949 में चीन के सिविल वॉर के कारण भागकर ताइवान आ गया था। 24 साल की उम्र तक उन्होंने एक रबर फैक्ट्री और दवा बनाने वाले एक कारखाने में काम किया। साथ ही उन्होंने एयरफोर्स में एंटी-एयरक्राफ्ट आर्टिलरी ऑफिसर के रूप में भी काम किया। 1974 में उन्होंने 7,500 डॉलर की पूंजी दस बुजुर्ग कर्मचारियों के साथ फॉक्सकॉन की स्थापना की। शुरुआत में उनकी कंपनी टेलीविजन सेट्स के लिए प्लास्टिक के हिस्से बनाती थी। 1980 के दशक में वह 11 महीने के दौरे पर अमेरिका गए और वहां कारोबार फैलाया।
आईफोन बनाती है कंपनी
गाउ ने चीन में अपनी पहली फैक्ट्री 1988 में खोली। 1990 के दशक में ऐपल, एचपी और आईबीएम जैसी कंपनियों को उन्होंने अपने साथ जोड़ा। उन्होंने चीन के दक्षिणी हिस्से में कई प्लांट बनाए और हजारों लोगों को रोजगार दिया। उनका बिजनस मॉडल इतना सफल रहा कि दुनिया की बड़ी-बड़ी कंपनियों उनसे इलेक्ट्रॉनिक सामान बनवाने लगी। ऐपल ने मैकबुक और आईफोन बनाने का काम फॉक्सकॉन को आउटसोर्स कर दिया। इससे फॉक्सकॉन ताइवान की सबसे बड़ी कंपनी बन गई और गाउ की गिनती देश के सबसे अमीर लोगों में होने लगी।साल 2016 में गाउ ने कुओमिनतांग पार्टी जॉइन की और राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ा। लेकिन वह चुनाव हार गए और प्राइमरी में ही दूसरे नंबर पर रहे। उन्होंने पार्टी से टिकट मांगा था लेकिन उन्हें निराशा हाथ लगी। अब वह इंडिपेंडेंट कैंडिडेट के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं। ताइवान में जनवरी 2024 में चुनाव होने हैं। गाउ को चीन का समर्थक माना जाता है। उनका कहना है कि वन-चाइना फ्रेमवर्क के तहत बातचीत बहाल होनी चाहिए। हाल के वर्षों में चीन ने ताइवान के प्रति सख्त रुख दिखाया है।











