50 हजार लोगों के लिए की जा रही व्यवस्था
चौपाल ने बताया है कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट 5 हजार संत, महंतों और 5 हजार राम मंदिर आंदोलन से जुड़े विशिष्ट जनों को आमंत्रित कर रहा है, जिसमें करीब 60 देशों के प्रतिनिधि में शामिल हैं। करीब 50 हजार लोगों की व्यवस्था की जिम्मेदारी मंदिर ट्रस्ट को उठानी पड़ेगी। चौपाल ने बताया कि प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम 10 दिनों तक चलेगा, लेकिन मुख्य कार्यक्रम पीएम मोदी की तरफ से रामलला को गर्भगृह में स्थापित करने का होगा, जो 22 जनवरी से 24 जनवरी 2024 के बीच संभावित है।
दरवाजों पर उकेरी जा रही आकृतियां
राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के मुताबिक, मंदिर के दरवाजे दिसंबर, 2023 तक बनकर तैयार हो जाएंगे। दरवाजों पर सनातन धर्म के चिह्न गदा, चक्र, त्रिशूल, गणपति आदि की आकृतियां उकेरी जा रही हैं। महाराष्ट्र की टीक की लकड़ी पर कारीगर बेहद खूबसूरत डिजाइनिंग कर रहे हैं। वहीं पूरा राम मंदिर नागर शैली में तैयार हुआ है। चंपत राय के मुताबिक राम मंदिर के भूतल के निर्माण के साथ प्रथम तल का भी निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। प्रथम तल का स्ट्रक्चर दिसंबर 202 तक खड़ा कर दिया जाएगा।











