नई दिल्ली: कोरोना महामारी का असर कम हो चुका है लेकिन यह लोगों को घर से काम करने की लत लगा चुका है। हालत यह हो गई है कि कंपनियों के बार-बार चेताने के बाद भी कर्मचारी ऑफिस नहीं आ रहे हैं। अमेरिका की दिग्गज टेक कंपनी आईबीएम (IBM) ने अपने मैनेजर्स से कहा है कि अगर वे ऑफिस नहीं आए तो उन्हें अपनी नौकरी गंवानी पड़ सकती है। कंपनी ने एक बयान में कहा कि मैनेजर्स को जल्द से जल्द किसी ऑफिस के नजदीक खुद को रिलोकेट करना होगा, नहीं तो उनकी नौकरी जा सकती है। उन्हें हफ्ते में कम से कम तीन दिन किसी ऑफिस या क्लाइंट लोकेशन पर रहना होगा।
आईबीएम ने 16 जनवरी को अपने कर्मचारियों को एक इंटरनल मेमो भेजा था। इसमें कहा गया है कि अगस्त से सभी कर्मचारियों को खुद को कंपनी के किसी ऑफिस के करीब रिलोकेट करना होगा। बीमारी या मिलिट्री सर्विस में लगे कर्मचारियों का इससे दूर रखा गया है। कंपनी का कहना है कि वह हरेक कर्मचारी की उपस्थिति का पता लगाने के लिए बेज-इन डेटा का यूज करेगी। मेमो के मुताबिक कर्मचारी को आईबीएम के ऑफिस या क्लाइंट लोकेशन से 50 मील के दायरे में रहना होगा। जो कर्मचारी इसका पालन नहीं करेंगे, उन्हें आईबीएम से जाना पड़ सकता है।
नियमों में सख्ती
आईबीएम के सीईओ अरविंद कृष्णा कई बार इन-पर्सन वर्क की वकालत कर चुके हैं। उनका कहना है कि जो कर्मचारी घर से काम करने का विकल्प चुनेंगे, उनका प्रमोशन प्रभावित हो सकता है। पिछले साल नवंबर में कंपनी ने अपने इन्फ्रास्ट्रक्चर बिजनस के कर्मचारियों को हफ्ते में तीन दिन कंपनी लोकशन पर मौजूद रहने को कहा था। पिछले एक साल में कई कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को ऑफिस बुलाने के लिए सख्त पॉलिसीज बनाई हैं। खासकर टेक सेक्टर में नियमों को सख्त बनाया गया है। ऐमजॉन और एटीएंडटी जैसी कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को ऑफिस लोकेशन के करीब शिफ्ट होने को कहा है।











