डाबर ग्रुप को चलाने वाली बर्मन फैमिली ने रेलिगेयर एंटरप्राइजेज लिमिटेड (REL) की चेयरमैन रश्मि सलूजा को मिले 2.14 करोड़ शेयर को अनुचित खैरात बताया है। सलूजा को ये शेयर एम्प्लॉइज स्टॉक ओनरशिप प्लान (ESOPs) के जरिए मिले थे। बर्मन फैमिली ने मार्केट रेगुलेटर SEBI से टेकओवर रेगुलेशन के हिसाब से जांच की मांग की है।
REL में करीब 21.24% हिस्सेदारी रखने वाले बर्मन फैमिली ने कहा, 'यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक अकेली एग्जीक्यूटिव ने रेलिगेयर एंटरप्राइजेज लिमिटेड और केयर हेल्थ इंश्योरेंस में ESOPs के जरिए रेम्युनरेशन के सिग्निफिकेंट अमाउंट पर कब्जा कर लिया है। यह सब REL के अप्रूवल और डिस्क्लोजर के बिना हुआ, जो मैनेजमेंट और इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स की इंडिपेंडेंसी और इस तरह के अनुचित खैरात में उनकी मिलीभगत पर सवालिया निशान उठाता है।'
REL बोर्ड ने विश्वास और भरोसे को कम किया
बर्मन फैमिली ने कहा कि रेलिगेयर एंटरप्राइजेज के बोर्ड को बताना चाहिए कि क्या इंस्टीट्यूशन के ESOPs इश्यू करने के इस तरह के कोई और एग्जांपल हैं, जिसमें हितों के टकराव की संभावना है। REL बोर्ड ने विश्वास और भरोसे को कम कर दिया है, जिसके कारण तुरंत क्रेडिबिलिटी रिस्टोर करने की जरूरत है।
रेलिगेयर एंटरप्राइजेज ने अभी तक नहीं दी कोई प्रतिक्रिया
बर्मन फैमिली की ओर से लगाए गए आरोपों पर अभी तक रेलिगेयर एंटरप्राइजेज ने कोई भी प्रतिक्रिया नहीं दी है। रश्मि सलूजा की ओर से भी इसके बारे में कोई भी प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। रश्मि सलूजा रेलिगेयर एंटरप्राइजेज की चेयरपर्सन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर भी हैं।
एम्प्लॉइज स्टॉक ओनरशिप प्लान क्या होता है?
एम्प्लॉइज स्टॉक ओनरशिप प्लान यानी ESOPs के जरिए कंपनियां अपने एम्प्लॉइज को फ्री में या कम रेट में शेयर्स खरीदने का अधिकार देती हैं, जिन्हें वह फ्यूचर में बेचकर पैसा कमा सकते हैं। ESOPs के तहत ऑफर किए जाने वाले शेयर्स की संख्या, उनकी कीमत और बेनेफिशरी एम्प्लॉइज का नाम तय किया जाता है, जिसके बाद कंपनी के शेयर्स की ओनरशिप दी जाती है।











