लगाया जय सिया राम का जयकारा
ऋषि सुनक आम आदमी की तरह बापू के सामने चेयर पर बैठे। उन्होंने कहा कि वे प्रधानमंत्री की तरह नहीं, बल्कि हिंदू होने के नाते रामकथा सुनने आए हैं। सुनक ने व्यास पीठ पर पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने अपने संबोधन में सबसे पहले जय सिया राम का जयकारा लगाया। उन्होंने कहा कि एक प्रधानमंत्री के रूप में कार्य करना बड़ा कठिन होता है, इसलिए मुझे आशीर्वाद दें। उन्होंने कहा कि मुरारी बापू की रामकता में उपस्थित होना मेरे लिए सम्मान और खुशी की बात है।
मेरी डेस्क पर रहते हैं गणेश जी
ऋषि सुनक ने मुरारी बापू से कहा कि जैसे आपके मंच पर गोल्डन हनुमान जी का चित्र है, उसी तरह 11 डाउनिंग स्ट्रीट में, मैं अपनी डैस्क पर भगवान गणेश जी की एक मूर्ति रखता हूं और इस पर मुझे गर्व है। उन्होंने कहा, 'बापू आपके आशीर्वाद से हमारे ग्रंथों ने जो एक लीडर के लिए काम सुझाए हैं, वो मैं करने का प्रयास कर रहा हूं। आपकी ऊर्जा मुझे प्रेरणा देती है। आपने पिछले हफ्ते भारत में 12 ज्योतिर्लिंग में घूम घूमकर रामकथा की और इसके लिए 12000 किलोमीटर का भ्रमण किया। मैं सोचता रहा कि काश मैं भी उस यात्रा में वहां मौजूद होता।'
ब्रिटिश और हिंदू होने पर गर्व है
ब्रिटेन के पीएम ऋषि सुनक ने कहा कि उन्हें बिटिश होने पर गर्व है और हिंदू होने पर गर्व है। उन्होंने बचपन में परिवार के साथ मंदिर जाने के समय को याद किया। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ा मूल्य कर्तव्य या सेवा का है। सुनक ने मंच पर आरती में भी हिस्सा लिया।











