वित्त मंत्री ने कहा कि हम नए और उभरते क्षेत्रों पर भी ध्यान नहीं देते, जहां भारी बदलाव हो रहे हैं। हमारा ध्यान दुनियाभर के स्टील और सीमेंट प्लांट पर होता है। असल में ये उद्योग क्षमता बढ़ाने के बोझ से जूझ रहे हैं, जिसमें इन्हें सुधार करना होगा। लेकिन इन दिनों उभरते सेक्टरों में भारी निवेश हो रहा है। सेमीकंडक्टर, अक्षय ऊर्जा, भंडारण क्षमता, रेल, सड़कें जैसे तमाम सेक्टर है, जहां आप नया निवेश देख रहे हैं।
प्राइवेट कंपनियों के ऑर्डर
ईटी अवॉर्ड्स में चर्चा के दौरान Larsen & Toubro के चेयरमैन एस एन सुब्रमण्यन ने कहा कि डिजिटल तकनीक, दुनियाभर में हो रहे बदलाव, ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोत और टिकाऊ विकास जैसे फैक्टर कारोबार के तरीके को बदल रहे हैं। कुछ हद तक देश के इन्फ्रास्ट्रक्चर में हमारी भूमिका भी है। कोविड के दौरान जहां 95% डिमांड हमें सरकार से मिल रही थी, वहीं आज कहूंगा कि इसमें सरकारी हिस्सेदारी घटकर 65% के करीब है। हम प्राइवेट कंपनियों के ऑर्डर देख रहे हैं और यह रुझान आगे बढ़ेगा।हिंदुस्तान यूनिलीवर (Hindustan Unilever) के CEO और MD रोहित जावा ने कहा कि भारत में कंजंप्शन यानी उपभोग अन्य देशों की तुलना में कम है, लेकिन आगे सभी कैटिगरी में यह तेजी से बढ़ेगा आधार, ई-सिग्नेचर और UPI जैसे टेक स्टैक प्रॉडक्टिविटी का नया फैक्टर बन रहे हैं, जो लंबे समय तक जारी रहेगा। जावा कहते हैं कि HUL के 30 लाख रीटेल उपभोक्ताओं में से 13 लाख ऑर्डर देने के लिए HUL के ऐप का इस्तेमाल करते हैं। इस ऐप के डेटा की मदद से ये पर्सनल और बिजनेस लोन ले सकते हैं।











