9 महीने पहले आजाद इंजीनियरिंग में खरीदी हिस्सेदारी, सिंधु-नेहवाल और VVS लक्ष्मण का भी निवेश

9 महीने पहले आजाद इंजीनियरिंग में खरीदी हिस्सेदारी, सिंधु-नेहवाल और VVS लक्ष्मण का भी निवेश

हैदराबाद बेस्ड आजाद इंजीनियरिंग लिमिटेड अब अगले हफ्ते स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट होगी तो क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर केवल 9 महीने में मल्टीबैगर रिटर्न कमा लेंगे। IPO के ऊपरी प्राइस बैंड ₹524 के हिसाब से तेंदुलकर का 5 करोड़ रुपए का निवेश बढ़कर 22.96 करोड़ रुपए हो जाएगे, जो कि उनके निवेश पर 360% का अनुमानित प्रॉफिट है।

हालांकि, लिस्टिंग प्राइस के हिसाब से रिटर्न कम और ज्यादा हो सकता है। आजाद इंजीनियरिंग लिमिटेड का IPO 23 दिसंबर को ग्रे मार्केट में 65.84% यानी ₹345 प्रति शेयर के प्रीमियम पर पहुंच गया है। ऐसे में अपर प्राइस बैंड 524 के हिसाब से इसकी लिस्टिंग ₹869 पर हो सकती है। कंपनी का शेयर जितना ऊपर लिस्ट होगा, उतना ज्यादा फायदा सचिन तेंदुलकर सहित अन्य इन्वेस्टर्स को होगा।

₹114 प्रति शेयर के हिसाब तेंदुलकर ने खरीदी थी हिस्सेदारी
तेंदुलकर ने 6 मार्च को कंपनी में 114.1 रुपए प्रति शेयर के हिसाब से लगभग 5 करोड़ रुपए के इक्विटी शेयर खरीदे थे। अभी उनके पास कंपनी के 438,210 शेयर हैं। आजाद इंजीनियरिंग क्लीन एनर्जी, एयरोस्पेस कंपोनेंट्स और टरबाइन्स मैन्युफैक्चरर कंपनी है।

सिंधु, साइना और वीवीएस लक्ष्मण को मिल सकता है 130% का रिटर्न
आजाद इंजीनियरिंग लिमिटेड में न केवल सचिन तेंदुलकर ने बल्कि तीन अन्य खिलाड़ियों पीवी सिंधु, साइना नेहवाल और वीवीएस लक्ष्मण ने भी निवेश किया है। तेंदुलकर के निवेश के पांच दिन बाद इन तीनों खिलाड़ियों ने 1-1 करोड़ रुपए का निवेश किया था। हालांकि, उन्हें इसके लिए अधिक कीमत चुकानी पड़ी थी। तीनों खिलाड़ियों ने 228.17 रुपए प्रति के हिसाब से हिस्सेदारी खरीदी थी।

अब पीवी सिंधु, साइना नेहवाल और वीवीएस लक्ष्मण का 1 करोड़ रुपए का निवेश 130% बढ़कर 2.3 करोड़ रुपए हो सकता है। शेयर की लिस्टिंग के हिसाब से रिटर्न कम और ज्यादा हो सकता है।

आजाद इंजीनियरिंग लिमिटेड: ₹740 करोड़ का IPO
आजाद इंजीनियरिंग लिमिटेड का IPO 20 से 22 दिसंबर तक ओपन था। अब 26 दिसंबर को कंपनी के शेयर इन्वेस्टर्स को अलॉट होंगे और 28 दिसंबर को कंपनी के शेयर स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट होंगे। ₹740 करोड़ जुटाने के लिए कंपनी ये IPO लाई है, जो ओवरऑल 83.04 गुना सब्सक्राइब हुआ है।

IPO में निवेश बढ़ने के तीन कारण:

  • शेयर बाजार में लोगों की रुचि बढ़ रही: नवंबर 2023 में, सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज लिमिटेड यानी CDSL ने 10 करोड़ डीमैट अकाउंट का आंकड़ा पार कर लिया था। यह भारत के शेयर बाजार में निवेशकों की बढ़ती रुचि को दर्शाता है।
  • IPO में मिल रहा शानदार रिटर्न: IPO के लिए 2023 अच्छा रहा है। इस साल 49 मेनबोर्ड IPO आ चुके हैं। ज्यादातर ने पॉजिटिव रिटर्न दिया है। साएंट DLM और उत्कर्ष बैंक जैसी कंपनियों की लिस्टिंग करीब 50% ऊपर हुई थी।

IPO क्या होता है?
जब कोई कंपनी पहली बार पब्लिक को अपने शेयर ऑफर करती है तो इसे IPO, यानी इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग कहा जाता है। जब कंपनियों को अपने बिजनेस के लिए फंड की जरूरत होती है तो ये हिस्सेदारी बेचकर खुद को स्‍टॉक मार्केट में लिस्‍ट करवाती हैं।


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