4 नवंबर को गेवरारोड स्टेशन पर मेमू लोकल और मालगाड़ी की टक्कर में लोको पायलट विद्यासागर समेत 11 लोगों की मौत हो गई थी। प्रारंभिक जांच में ऑटो सिग्नलिंग सिस्टम की खामियों और तकनीकी कमियों को हादसे का कारण माना गया, लेकिन अब यह साफ हो गया है कि मानव लापरवाही भी बड़ी वजह थी। कमिशन ऑफ रेलवे सेफ्टी (CRS) की जांच में 6 नवंबर को दस से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ की गई।
बिलासपुर ट्रेन हादसा: साइको टेस्ट में फेल लोको पायलट चला रहा था ट्रेन, रेलवे की बड़ी लापरवाही उजागर
नई दिल्ली: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में मंगलवार को हुए ट्रेन हादसे में रेलवे प्रशासन की गंभीर लापरवाही सामने आई है। जांच में खुलासा हुआ है कि जिस लोको पायलट को मेमू लोकल ट्रेन की जिम्मेदारी दी गई थी, वह रेलवे के अनिवार्य साइकोलॉजिकल टेस्ट में फेल हो गया था। इसके बावजूद अधिकारियों ने उसे ट्रेन चलाने की अनुमति दे दी। पैसेंजर ट्रेन चलाने के लिए इस साइको टेस्ट को पास करना जरूरी है।
4 नवंबर को गेवरारोड स्टेशन पर मेमू लोकल और मालगाड़ी की टक्कर में लोको पायलट विद्यासागर समेत 11 लोगों की मौत हो गई थी। प्रारंभिक जांच में ऑटो सिग्नलिंग सिस्टम की खामियों और तकनीकी कमियों को हादसे का कारण माना गया, लेकिन अब यह साफ हो गया है कि मानव लापरवाही भी बड़ी वजह थी। कमिशन ऑफ रेलवे सेफ्टी (CRS) की जांच में 6 नवंबर को दस से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ की गई।
4 नवंबर को गेवरारोड स्टेशन पर मेमू लोकल और मालगाड़ी की टक्कर में लोको पायलट विद्यासागर समेत 11 लोगों की मौत हो गई थी। प्रारंभिक जांच में ऑटो सिग्नलिंग सिस्टम की खामियों और तकनीकी कमियों को हादसे का कारण माना गया, लेकिन अब यह साफ हो गया है कि मानव लापरवाही भी बड़ी वजह थी। कमिशन ऑफ रेलवे सेफ्टी (CRS) की जांच में 6 नवंबर को दस से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ की गई।











