इन तस्वीरों की सोशल मीडिया पर तारीफ हो रही हैं। रोचक बात यह है कि जहां नीरज के हाथ में तिरंगा था तो कंधे कंधा मिलाकर तस्वीरें खिंचवा रहे अरशद नदीम खूशी में झूम रहे थे। इस मोमेंट ने उसकी याद दिला दी जब तोक्यो ओलिंपिक में नीरज का भाला छूने की वजह से अरशद विवादों में आ गए थे। उस समय नीरज ने बड़ा दिल दिखाते हुए उनका सपोर्ट किया था और विश्व पटल पर छा गए थे।
बुडापेस्ट में आयोजित विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक हासिल करने वाले नीरज को गर्व से भारतीय तिरंगे को पकड़े देखा गया। हंगरी में हो रही चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने वाले नदीम ने अपने भारतीय खिलाड़ी के साथ गजब का मोमेंट शेयर किया। नदीम को उनकी उपलब्धियों के लिए वाह वाही मिल रही है। उन्होंने कम सुविधाओं के बावजूद सिल्वर मेडल जीता है।
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने पोस्ट किया- मुल्तान के हमारे स्टार अरशद नदीम का समर्थन करते हैं। हमें आपके प्रयासों पर गर्व है, क्योंकि आप विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में पाकिस्तान के लिए पहले पदक विजेता बने हैं। कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने सवाल किया कि कैमरे के लिए पोज देते वक्त उनके पास पाकिस्तानी झंडा क्यों नहीं था। एक यूजर ने लिखा- क्या पाकिस्तान के लिए सिल्वर मेडल जीतने वाले अरशद नदीम को पाकिस्तानी झंडा देने वाला कोई नहीं था, भारत के नीरज चोपड़ा भी हैरान थे। दूसरी ओर, एक यूजर ने लिखा- अखंड़ भारत।
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने पोस्ट किया- मुल्तान के हमारे स्टार अरशद नदीम का समर्थन करते हैं। हमें आपके प्रयासों पर गर्व है, क्योंकि आप विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में पाकिस्तान के लिए पहले पदक विजेता बने हैं। कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने सवाल किया कि कैमरे के लिए पोज देते वक्त उनके पास पाकिस्तानी झंडा क्यों नहीं था। एक यूजर ने लिखा- क्या पाकिस्तान के लिए सिल्वर मेडल जीतने वाले अरशद नदीम को पाकिस्तानी झंडा देने वाला कोई नहीं था, भारत के नीरज चोपड़ा भी हैरान थे। दूसरी ओर, एक यूजर ने लिखा- अखंड़ भारत।
उल्लेखनीय है कि चोपड़ा ने भारत के लिए ऐतिहासिक पहला गोल्ड मेडल जीता। पिछले कुछ महीनों से चोट से परेशान चल रहे चोपड़ा ने हंगरी की राजधानी में अपनी दूसरी बारी में 88.17 के विशाल थ्रो के साथ प्रतियोगिता में बाजी मार ली। पाकिस्तान के अरशद नदीम ने 87.82 की दूरी के साथ रजत मेडल जीता, जो उनके देश के लिए पहला विश्व चैंपियनशिप मेडल है, जबकि चेक गणराज्य के याकूब वडलेज ने 86.67 की दूरी के साथ पिछले साल ओरेगन में जीता कांस्य मेडल बरकरार रखा।











