दूसरे विश्व युद्ध में भी नहीं हुआ था अमेरिका का इतना बुरा हाल, इससे कैसे निकलेगी इकॉनमी?
नई दिल्ली: दुनिया की सबसे बड़ी इकॉनमी वाले देश अमेरिका पर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। देश का कर्ज करीब 35 ट्रिलियन डॉलर पहुंच चुका है। अमेरिका का डेट-टु-जीडीपी रेश्यो 125% पहुंच गया है। यह दूसरे विश्व युद्ध से भी बदतर स्थिति है। अमेरिका दुनिया के उन पांच देशों में शामिल है जहां डेट-टु-जीडीपी रेश्यो सबसे अधिक है। इनमें जापान 255% के साथ पहले, ग्रीस (168%) दूसरे, सिंगापुर (168%) तीसरे और इटली (144%) चौथे नंबर पर है। अमेरिका का कर्ज पिछले 24 साल में छह गुना बढ़ा है। साल 2000 में अमेरिका पर 5.7 ट्रिलियन डॉलर का कर्ज था जो अब करीब 35 ट्रिलियन डॉलर पहुंच गया है। यूएस कांग्रेस के बजट दस्तावेजों के मुताबिक अगले दशक तक देश का कर्ज 54 ट्रिलियन डॉलर पहुंचने का अनुमान है। पिछले तीन साल में ही देश का कर्ज 10 ट्रिलियन डॉलर से अधिक बढ़ चुका है। स्थिति यह हो गई है कि अमेरिका को रोज 1.8 अरब डॉलर ब्याज के भुगतान में खर्च करने पड़ रहे हैं।











